कांग्रेस ने मोदी सरकार पर 'ईंधन लूट' का आरोप लगाया, दामों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की
नरेश
- 25 May 2026, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
बेंगलुरु, 25 मई (भाषा) कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से "ईंधन लूट" बंद करने और पेट्रोल व डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने संवाददाता सम्मेलन करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमतें घट रही हैं तो केंद्र सरकार पेट्रोल व डीजल के दाम क्यों बढ़ा रही है।
सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर क्रमश: 2.61 और 2.71 रुपये की बढ़ोतरी की गई। पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बढ़ोतरी है क्योंकि सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि आज़ादी के 78 वर्षों में पहली बार बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने 57 लाख करोड़ रुपये की लूट की है। हर दिन ईंधन की लूट आम आदमी और आम कर्नाटक वासी की जेब काट रही है। पिछले 11 दिन वेतनभोगी वर्ग, किसानों, व्यापारियों, गृहिणियों, छोटे कारोबारियों और आम लोगों के बजट के लिए विनाशकारी साबित हुए हैं।"
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने 11 दिन में चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे कीमतों में 7.52 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। भाजपा द्वारा कर्नाटक वासियों के साथ की जा रही यह कमर तोड़ लूट और धोखाधड़ी अक्षम्य है।"
सुरजेवाला ने कहा कि 23 मई को मोदी सरकार ने भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले गिरती कीमत का फायदा उठाकर भारतीय रिजर्व बैंक से बहुमूल्य विदेशी मुद्रा भंडार बिकवाकर 2.87 लाख करोड़ रुपये जुटाए।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्ष में केंद्र सरकार ने आरबीआई से 14 लाख करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं।
इसके अलावा, पिछले 12 वर्ष में पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाकर 43 लाख करोड़ रुपये वसूले गए।
उन्होंने कहा, "यह 2014 से हर दिन 1,000 करोड़ रुपये के बराबर है।"
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से सवाल किया, "जब कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं तो आज चौथी बार कीमतें बढ़ाने का क्या औचित्य है? जब कच्चा तेल सस्ता हो रहा है, तब पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों बढ़ाए जा रहे हैं?"
उन्होंने कहा, "2004 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल थी। पिछले 12 वर्ष में औसत कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल रही है। यानी यह 38 डॉलर प्रति बैरल सस्ता है। आज भी कच्चे तेल की कीमत 98.6 डॉलर प्रति बैरल है।"
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आए थे, तब उन्होंने "अच्छे दिन" लाने का वादा किया था।
सिद्धरमैया ने कहा, "उन्होंने (भाजपा) इस देश की जनता को धोखा दिया है…"
उन्होंने कहा कि इन चार बढ़ोतरी के बाद बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत करीब 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इससे पहले कभी पेट्रोल और डीजल की कीमतें इतनी ऊंचाई पर नहीं पहुंचीं। बेंगलुरु में डीजल अब 98.89 रुपये प्रति लीटर हो गया है और जल्द ही 100 रुपये तक पहुंच सकता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने किस तरह देश को लूटा है।
उन्होंने कहा, "हमें लोगों के बीच जागरूकता भी फैलानी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "इसका क्या असर होता है? महंगाई बढ़ती है। जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते हैं, तो किसान और आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। मोदी सरकार आज देश को लूट रही है और आम जनता को ठग रही है।"
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने भी कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 30 मई को कांग्रेस राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन करेगी, जिसके बाद विधानसभा क्षेत्रों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे।
उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकार से टैक्स कम करने की मांग करने वाले भाजपा नेताओं की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, "आप ( भाजपा नेता) पहले केंद्र सरकार से कीमतें कम करने के लिए कहिए।"
भाषा जोहेब नरेश
नरेश
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