कीनिया क्रिकेट टीम को फिर से प्रतिस्पर्धी स्तर पर लौटने में शायद पांच से दस साल लग सकते हैं: टिकोलो
सुधीर
- 26 May 2026, 07:09 PM
- Updated: 07:09 PM
मुंबई, 26 मई (भाषा) स्टीव टिकोलो का मानना है कि कीनिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को फिर से मजबूत टीम बनने के लिए बड़े संरचनात्मक बदलावों की जरूरत है और इसमें पांच से दस साल लग सकते हैं।
टिकोलो की कप्तानी में कीनिया ने 23 साल पहले आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का सामना किया था। वह कीनिया क्रिकेट का स्वर्णिम दौर माना जाता है। टीम हालांकि 2011 विश्व कप के बाद बड़े टूर्नामेंटों में जगह बनाने में नाकाम रही।
टिकोलो ने कहा कि उस समय के खिलाड़ियों और प्रबंधन ने अगली पीढ़ी तैयार करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, "हमारे पास बहुत अच्छी टीम थी, लेकिन हमने खिलाड़ी विकास पर काम नहीं किया। जब स्टीव टिकोलो, ओडुम्बे और सुजी जैसे खिलाड़ी रिटायर हुए, तब उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी तैयार नहीं थे।"
उन्होंने माना कि प्रशासनिक विवाद, आपसी संघर्ष और अदालत के मामलों ने भी कीनिया क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया। टिकोलो ने कहा, "गलती हमारी ही थी। क्रिकेट के विकास पर ध्यान देने के बजाय हम दूसरे मुद्दों में उलझे रहे।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि नये अध्यक्ष और उनका प्रबंधन बदलाव ला सकते हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा।
इस समय टिकोलो युगांडा राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में मुंबई दौरे पर है। युगांडा की टीम इस दौरे पर मुंबई की टीमों के खिलाफ चार एकदिवसीय और चार टी20 मैच खेलेगी।
टिकोलो ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य खिलाड़ियों को मैच अभ्यास देना है, क्योंकि टीम आगामी आईसीसी विश्व कप चैलेंज लीग बी और टी20 विश्व कप उप-क्षेत्रीय क्वालीफायर की तैयारी कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुंबई की धीमी और स्पिन-अनुकूल पिचों पर खेलने का अनुभव खिलाड़ियों के लिए उपयोगी होगा, खासकर क्योंकि अगला टूर्नामेंट तंजानिया में होना है।
टिकोलो ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों में युगांडा क्रिकेट में काफी प्रगति हुई है। टीम ने आईसीसी टी20 विश्व कप में भाग लिया था और अब वहां से अच्छे खिलाड़ी निकल रहे हैं।
उन्होंने टी20 क्रिकेट को एसोसिएट देशों के लिए "वरदान" बताया, लेकिन कहा कि 50 ओवर का क्रिकेट खिलाड़ियों के कौशल विकास के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है।
टिकोलो ने यह भी बताया कि युगांडा के खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग को काफी फॉलो करते हैं। कई खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अपना आदर्श मानते हैं।
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर
2605 1909 मुंबई