'पीएम श्री' योजना पर विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा : केरल के मंत्री
पवनेश
- 06 Jun 2026, 04:08 PM
- Updated: 04:08 PM
तिरुवनंतपुरम, छह जून (भाषा) केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन शम्सुद्दीन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार 'पीएम श्री' योजना पर विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा और परामर्श करने के बाद ही निर्णय लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कोई ''आपात स्थिति'' नहीं है।
इस योजना के संबंध में सामान्य शिक्षा निदेशक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के बारे में पूछे गए पत्रकारों के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''यह सच है कि निदेशक ने रिपोर्ट प्रस्तुत की है। हालांकि, सरकार के भीतर चर्चा और विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही इस संबंध में निर्णय लिया जा सकता है।''
शम्सुद्दीन ने कहा कि पिछली सरकार ने केंद्र के साथ समझौता किया था और योजना के तहत धनराशि प्राप्त की थी।
उन्होंने कहा, ''पिछली सरकार ने समझौता किया था और धनराशि प्राप्त की थी। इसलिए, अंतिम निर्णय लेने से पहले हम रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे।''
मंत्री ने कहा कि तत्काल निर्णय लेने की कोई ''आपात स्थिति'' नहीं है और केंद्र को राज्यों को धनराशि जारी करते समय उनपर शर्तें नहीं लगानी चाहिए।
पिछले साल अक्टूबर में, माकपा के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही दिनों बाद, गठबंधन सहयोगी भाकपा की आपत्तियों के चलते 'पीएम श्री' योजना के कार्यान्वयन को रोक दिया था।
भाकपा ने आरोप लगाया था कि यह योजना शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को लागू करने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, जबकि सामान्य शिक्षा विभाग ने केंद्रीय सहायता प्राप्त करने के लिए इस कदम को आवश्यक बताया था।
इसके बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 'पीएम श्री' समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए एलडीएफ सरकार की आलोचना की थी।
इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शनिवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर ''दोहरा मापदंड'' अपनाने और केरल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने के केंद्र के प्रयासों के आगे झुकने का आरोप लगाया।
शिवनकुट्टी ने एक बयान में कहा कि यूडीएफ नेता, जिन्होंने पहले 'पीएम श्री' योजना पर तत्कालीन एलडीएफ सरकार के रुख की आलोचना की थी तथा इसे भाजपा और आरएसएस के साथ ''मिलीभगत'' वाला बताया था, अब उसी कार्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं।
भाषा
शफीक पवनेश
पवनेश
0606 1608 तिरुवनंतपुरम