थल सेना प्रमुख ने नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की
जोहेब अविनाश
- 03 Jul 2024, 10:44 PM
- Updated: 10:44 PM
(फोटो के साथ)
पुंछ/जम्मू, तीन जुलाई (भाषा) थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लिया और सैनिकों से सभी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए दृढ़ रहने का आह्वान किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
तीस जून को 30वें सेना प्रमुख के तौर पर पदभार संभालने के बाद यह जम्मू क्षेत्र की उनकी पहली यात्रा है। अमरनाथ यात्रा और विशेषकर पहाड़ी जिलों समेत विभिन्न जगहों पर आतंकवाद रोधी अभियान के मद्देनजर उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने बताया कि सेना प्रमुख सुबह जम्मू पहुंचे और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति व अभियानगत तैयारियों की समीक्षा के लिए सीमावर्ती जिले पुंछ रवाना हुए।
अधिकारियों ने कहा कि उनके साथ उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सुचिन्द्र कुमार और जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा भी थे।
जनरल द्विवेदी ने पुंछ से लौटने के बाद नगरोटा स्थित सेना मुख्यालय में सेना और पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक आर आर स्वैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) विजय कुमार और जम्मू क्षेत्र के एडीजीपी आनंद जैन शामिल हुए।
सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सेना प्रमुख द्विवेदी ने उत्तरी सेना और व्हाइट नाइट कोर के कमांडरों के साथ नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए '16वीं कोर' के अग्रिम स्थानों का दौरा किया।
अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने कहा, “कमांडरों ने उन्हें अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी। सेना प्रमुख ने कामकाज के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए सभी कर्मियों की सराहना की और उन्हें सभी मौजूदा व उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने को लेकर दृढ़ रहने के लिए प्रेरित किया।”
एडीजीपीआई ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ क्षेत्र के उन वीरों के अभिभावकों से बातचीत की जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे दी। सेना प्रमुख ने भूतपूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की और उन्हें भारतीय सेना की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।”
भाषा जोहेब