बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार इंजीनियरिंग में स्नातक नहीं: चुनावी हलफनामा में दी जानकारी
धीरज
- 10 Jun 2026, 02:48 PM
- Updated: 02:48 PM
पटना, 10 जून (भाषा) बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार इंजीनियरिंग में स्नातक नहीं हैं और उन्होंने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। जदयू नेता ने स्वयं यह जानकारी विधान परिषद चुनाव के लिए दाखिल अपने नामांकन पत्र के साथ संलग्न हलफनामा में दी है।
निशांत के बारे में कहा जाता रहा है कि वह अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरह इंजीनियरिंग में स्नातक हैं।
निशांत (44) ने अपने शपथपत्र में बताया है कि उन्होंने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा में वर्ष 2001 तक निर्धारित आठ सेमेस्टरों में से पांच सेमेस्टर पूरे किए थे।
शपथपत्र के मुताबिक उन्होंने ''वर्ष 1998 में बिहार इंटरमीडिएट शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा साइंस कॉलेज, पटना से उत्तीर्ण की। इसके बाद बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा, रांची में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कंप्यूटर साइंस) डिग्री पाठ्यक्रम में नामांकन कराया तथा वर्ष 2001 तक निर्धारित आठ सेमेस्टरों में से पांच सेमेस्टर पूरे किए।''
शपथपत्र में यह भी दर्ज है कि कुमार स्नातक नहीं हैं।
अपने पुत्र के विपरीत, नीतीश कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के पास बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, जो अब राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), पटना के नाम से जाना जाता है, से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने से पहले वर्ष 1972 में यह डिग्री प्राप्त की थी।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद मई में निशांत कुमार को सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था।
मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस मुद्दे को लेकर जदयू नेताओं पर हमला बोला है, जो लंबे समय से निशांत कुमार को इंजीनियरिंग स्नातक बताते रहे हैं।
राजद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''नीतीश कुमार के पुत्र, जिन्हें लोग इंजीनियर कहते नहीं थकते थे, अब केवल 12वीं पास निकले हैं। उन्होंने स्वयं अपने चुनावी शपथपत्र में घोषित किया है कि वह स्नातक नहीं हैं। वंशवाद की राजनीति का जीवनभर विरोध करने का ढोंग करने वाले जदयू के इन बेईमान लोगों के छल-कपट की सभी परतें खुलेंगी।''
हालांकि, इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया के लिए बार-बार संपर्क किए जाने के बावजूद न तो निशांत कुमार और न ही जदयू के अन्य नेता उपलब्ध हो सके।
निर्वाचन आयोग ने 26 मई को बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इनमें वह सीट भी शामिल है जो पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा खाली की गई थी।
इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव भी कराया जा रहा है।
राज्य विधानसभा के सदस्य 18 जून को इन नौ सीटों के लिए मतदान करेंगे। उसी दिन शाम को मतगणना होगी और पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक संपन्न कर ली जाएगी।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जदयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि एक सीट चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दी गई है।
भाजपा ने भोजपुरी गायक व अभिनेता पवन सिंह, संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को उम्मीदवार बनाया है। वहीं जदयू ने द्विवार्षिक चुनाव के लिए निशांत कुमार, भारती मेहता और पश्चिम चंपारण की शिवरानी देवी प्रजापति को उम्मीदवार बनाया है। विधान परिषद उपचुनाव के लिए जदयू ने शेखपुरा के ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है।
शपथपत्र के अनुसार, निशांत कुमार के पास 1.96 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.67 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उनके पास नकद 17,409 रुपये हैं।
भाषा कैलाश
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