देश में 2014-15 से 2025-26 के बीच 843 अरब डॉलर का एफडीआई: अधिकारी
रमण
- 10 Jun 2026, 06:56 PM
- Updated: 06:56 PM
चंडीगढ़, 10 जून (भाषा) भारत ने वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान कुल 843 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया है, जो इससे पिछले 12 वर्षों की तुलना में 169 प्रतिशत अधिक है।
उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव सुमीत जारंगल ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 94.53 अरब डॉलर का एफडीआई हासिल किया है। इसमें 90 प्रतिशत से अधिक इक्विटी प्रवाह स्वत: मंजूर मार्ग के माध्यम से आया है।
जारंगल ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना जैसी पहल ने निवेश को विनिर्माण क्षमता में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 14 रणनीतिक क्षेत्रों में लागू पीएलआई योजनाओं के तहत अब तक 2.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 22.66 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन, 15.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात और 14 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में नीतिगत सुधारों, नवाचार और उद्यमिता ने भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को नई दिशा दी है। कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया और औद्योगिक विकास को गति दी।
जारंगल ने संवाददाताओं को अपने विभाग की प्रमुख पहल की जानकारी देते हुए कहा कि अब देश में इस्तेमाल होने वाले 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन का घरेलू स्तर पर विनिर्माण हो रहा है। वहीं, औषधि क्षेत्र में 191 थोक दवाओं के घरेलू उत्पादन से आयात पर निर्भरता कम हुई है और पीएलआई समर्थित उत्पादन ने निर्यात को भी बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों से नियमों के सरलीकरण और कारोबार सुगमता में मदद मिली है। सरकार ने 47,000 से अधिक अनुपालन आवश्यकताओं को समाप्त किया है। साथ ही, जन विश्वास अधिनियम, 2026 के माध्यम से कई कानूनी प्रावधानों को सरल बनाया गया है, जिससे नियमन आधारित व्यवस्था से भरोसा आधारित शासन व्यवस्था की ओर बदलाव हुआ है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली को 32 केंद्रीय मंत्रालयों और 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से जोड़ा गया है। इस मंच पर अब तक 13.7 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 8.5 लाख से अधिक स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।
स्टार्टअप परिवेश पर उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत आज देश में 2.35 लाख से अधिक डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त कंपनियां हैं, जिन्होंने लगभग 24 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए हैं। इनमें से आधे से अधिक स्टार्टअप दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से उभरे हैं तथा लगभग आधे स्टार्टअप में कम-से-कम एक महिला निदेशक या भागीदार शामिल है।
भाषा अजय अजय रमण
रमण
1006 1856 चंडीगढ़