खाड़ी क्षेत्र में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के मुद्दे को अमेरिका के समक्ष उठाया गया: भारत
रंजन
- 11 Jun 2026, 07:46 PM
- Updated: 07:46 PM
नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले चार दिनों में ओमान तट के निकट तीन वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सैन्य बलों के हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत होने के बाद उसने इस मुद्दे को अमेरिका के समक्ष जोरदार ढंग से उठाया है।
यह पहली बार था जब सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय चालक दल वाले जहाजों को निशाना बनाया था।
पलाउ के ध्वज वाले तेल टैंकर 'मैरीवेक्स' को आठ जून को अमेरिकी बलों द्वारा निशाना बनाया गया। इसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
बुधवार को हुए हमले के बाद, विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था और ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में कहा, ''हम अपने नाविकों की सुरक्षा और भलाई को अत्यधिक महत्व देते हैं। जब जहाज 'एमटी स्टेबेलो' पर यह हमला हुआ, तब हमने अमेरिकी पक्ष के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया।''
उन्होंने कहा, ''हमने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया और उन्हें हमलों को लेकर अपनी चिंता से अवगत कराया। हमने अपना कड़ा विरोध भी दर्ज कराया।''
जायसवाल ने कहा कि ये हमले ''तुरंत रुकने चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''हमने यह भी कहा कि संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही आगे का रास्ता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवाजाही होनी चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''इसलिए, हमने इन सभी बिंदुओं पर अपना रुख बहुत स्पष्ट कर दिया और साथ ही यह भी दोहराया कि हमारे लोगों का जीवन कितना महत्वपूर्ण है और हमारे लोगों का कल्याण और सुरक्षा हमारे लिए कितनी अहम है।''
जायसवाल ने कहा कि ये हमले उस अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए, जो इस क्षेत्र में तैनात है।
उन्होंने कहा, ''इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी ध्वज वाले जहाज थे। इनमें से दो जहाज पलाऊ के ध्वज वाले थे, जबकि तीसरा जहाज गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाला था। ये जहाज भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे।''
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 'सेटेबेलो' और 'मैरीवेक्स' पर हमलों की पुष्टि की है, लेकिन जहाज 'जलवीर' पर कथित हमलों के बारे में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि 'जलवीर' पर मौजूद नाविकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि 'सेटेबेलो' जहाज से शेष सभी 25 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें 21 भारतीय, दो पाकिस्तानी, एक रूसी और एक यूक्रेनी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 'सीमैन वेलफेयर फंड सोसाइटी' को प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता देने को कहा गया है।
भाषा
देवेंद्र रंजन
रंजन
1106 1946 दिल्ली