विमान हादसे की बरसी पर रूपाणी की बेटी ने कहा, उनको याद किए बिना नहीं गुजरता एक भी दिन
रंजन
- 12 Jun 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
अहमदाबाद, 12 जून (भाषा) पिछले साल अहमदाबाद में विमान हादसे में जान गंवाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी ने शुक्रवार को इस दुखद घटना की पहली बरसी पर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ऐसा एक भी दिन नहीं गुजरा जब उन्हें अपने पिता की याद न आई हो।
बारह जून 2025 को लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई। अगस्त 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे रूपाणी की भी जान चली गई।
दिवंगत मुख्यमंत्री की बेटी राधिका मिश्रा ने यहां विमान दुर्घटना वाली जगह पर अपने पिता और हादसे में मारे गए अन्य लोगों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन को पूर्व में लिखे गए अपने पत्र के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
पत्र में उन्होंने दावा किया है कि टाटा संस के स्वामित्व वाली एअर इंडिया पीड़ित परिवारों को ऐसे दस्तावेज भेज रही है, जिनमें मुआवजा स्वीकार करने के बदले उनसे एअर इंडिया के खिलाफ वर्तमान और भविष्य में किए जाने वाले सभी दावों का अधिकार छोड़ने की शर्त रखी गई है, जबकि दुर्घटना की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है।
जब पत्रकारों ने पूछा, तो रूपाणी की बेटी ने अपने पत्र पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपने पिता को श्रद्धांजलि देने आई हैं।
उन्होंने कहा, ''एक साल बीत गया है और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने आए हैं। पापा के सेवा कार्य आज भी जारी हैं और गुजरात भर में ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।''
रूपाणी की बेटी ने कहा, ''मुझे लगता है कि ऐसा एक भी दिन नहीं बीता जब लोगों ने उन्हें याद न किया हो। यह उनके अच्छे कर्मों का फल है, यही उनकी वास्तविक विरासत है। हम केवल दूसरों की सेवा के उनके कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे। यही हमारी इच्छा है।''
अपने पत्र में उन्होंने कथित तौर पर लिखा, ''दुर्घटना की जांच अभी पूरी नहीं हुई है, फिर भी इस दस्तावेज में परिवारों से यह मांग की जा रही है कि सभी तथ्य सामने आने से पहले ही वे वर्तमान और भविष्य के अपने सभी दावों को स्थायी रूप से छोड़ दें। हमें केवल मुआवजा नहीं चाहिए। हमें जवाब चाहिए। हमें पारदर्शिता चाहिए और सबसे बढ़कर हमें इस मामले का संतोषजनक निष्कर्ष चाहिए।''
जवाब में एअर इंडिया ने बयान जारी कर कहा, ''सबसे पहले हम सम्मानपूर्वक एक बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि किसी भी परिवार या व्यक्ति पर हमारी ओर से निर्धारित समयसीमा के भीतर मुआवजा प्रस्ताव स्वीकार करने का न तो कोई दबाव है और न ही कोई अंतिम तिथि तय की गई है। यही कारण है कि अंतिम मुआवजे के हमारे प्रस्ताव में स्वीकृति के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई थी। परिवार पूरी तरह स्वतंत्र हैं कि वे जांच रिपोर्ट जारी होने तक इंतजार करें, जैसा कि कुछ परिवारों ने करने का निर्णय लिया है।''
इस बीच, राजकोट में पत्रकारों से बातचीत में रूपाणी के बेटे ऋषभ ने कहा कि पिछले एक साल से एअर इंडिया मृतकों के परिवारों के संपर्क में है और परिवारों ने दस्तावेजों व अन्य चीजों के संबंध में उसे पूरा सहयोग दिया है।
उन्होंने कहा, ''मेरी बहन और एअर इंडिया के बीच ई-मेल के जरिए हुआ संवाद निजी था। यह कानूनी दावों से जुड़े अधिकारों को छोड़ने के मुद्दे पर था और हम अब भी अपने रुख पर कायम हैं।''
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को निजी पत्राचार के संबंध में सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं करना चाहिए था।
भाषा आशीष रंजन
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1206 2041 अहमदाबाद