भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में 'सीट चोरी' के लिए 'किम जोंग उन मॉडल' अपनाया : रेवंत रेड्डी
माधव
- 12 Jun 2026, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा चुनाव में "सीट चोरी" के लिए "किम जोंग-उन मॉडल" अपनाया।
रेड्डी ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र रद्द किए जाने के मामले में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और राज्य के निर्वाचन अधिकारी को "साजिशकर्ता" करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में "वोट चोरी" में नाकाम रहने के बाद भाजपा ने निर्वाचन अधिकारी का इस्तेमाल करके "सीट चोरी" का सहारा लिया और नटराजन की उम्मीदवारी रद्द करने का (निर्वाचन अधिकारी का) फैसला "साफ तौर पर गलत" था।
रेड्डी ने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "ऐसा लगता है कि इन दिनों उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन भाजपा के 'आदर्श' बन गए हैं, क्योंकि पार्टी ने उनका मॉडल अपना लिया है। भाजपा का मौजूदा मॉडल किम जोंग-उन जैसा है। जिस तरह उत्तर कोरिया में चुनावों में सिर्फ एक ही चुनाव चिह्न होता है, भाजपा ने भी मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनावों में ठीक वैसा ही किया।"
उन्होंने कहा, "भाजपा ने पहले 'वोट चोरी' की थी, लेकिन अब वे 'सीट चोरी' करने लगे हैं, क्योंकि वे मध्यप्रदेश में विधायकों को नहीं चुरा पाए।"
नटराजन को राहत से इनकार करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने कहा, "मैं निर्वाचन आयोग पर नहीं, बल्कि निर्वाचन अधिकारी पर आरोप लगा रहा हूं।"
उन्होंने कहा, "निर्वाचन अधिकारी पक्षपाती हैं और एक पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। जब भाजपा के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है, तो वह मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार कैसे उतार सकती है? वे 'वोट चोरी' नहीं कर पाए, इसलिए उन्होंने निर्वाचन अधिकारी का इस्तेमाल किया।"
रेड्डी ने आरोप लगाया, "भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन को अयोग्य ठहराने के लिए निर्वाचन अधिकारी का हथियार की तरह इस्तेमाल किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारे लोकतंत्र के लिए दुखद बात है।"
उन्होंने दावा किया कि नामांकन रद्द करना "निर्वाचन अधिकारी की बड़ी गलती" था।
रेड्डी ने भाजपा पर "लोकतंत्र-विरोधी" और "महिला-विरोधी" होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई गांधीवादी विचारधारा और गोडसे की विचारधारा के बीच है, क्योंकि नटराजन एक सच्ची गांधीवादी हैं।
रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में कहीं भी नटराजन के खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व नेता की ओर से दायर मौजूदा मामले में अदालत ने नटराजन को केवल कुछ प्रतिवादियों में से एक के तौर पर समन जारी किया है, न कि आरोपी के तौर पर।
रेड्डी ने कहा कि इस नेता को उनके पद से हटा दिया गया था और बाद में पार्टी ने उन्हें टिकट भी नहीं दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, "नटराजन के खिलाफ कोई मामला नहीं है और अदालत ने भी इसका संज्ञान नहीं लिया है। बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) और तेलंगाना भाजपा दुष्प्रचार कर रहे हैं।" उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और निर्वाचन अधिकारी पर "साजिश रचने" का आरोप लगाया।
रेड्डी ने कहा, "पूरी पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों को दल बदलना होगा, न कि सिर्फ सदन के नेताओं को। इसके बिना यह संभव नहीं है। सांसदों या विधायकों के पास किसी दूसरी पार्टी में विलय करने की व्यक्तिगत क्षमता नहीं होती; ऐसा केवल पूरी पार्टी ही कर सकती है।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच दिखी आत्मीयता के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनका हाथ पकड़ा हुआ था, न कि उन्होंने प्रधानमंत्री का।
उन्होंने कहा, "यह भारत सरकार का तेलंगाना का हाथ थामने के समान था।"
रेड्डी ने दावा किया कि विकास सुनिश्चित करने के लिए केंद्र को राज्यों का हाथ थामकर चलना पड़ता है।
उन्होंने कहा, "केंद्र को राज्यों को देना होता है। हमें मिलकर काम करना होगा। हम चुनावों में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते भी हैं। हालांकि, विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।"
रेड्डी ने कहा कि इस भेदभाव को खत्म करने का एकमात्र तरीका प्रधानमंत्री को बदलना है।
रेड्डी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री और शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हैदराबाद मेट्रो परियोजना और पोलावरम परियोजना को मंजूरी देने के साथ-साथ महाराष्ट्र की 1,500 एकड़ सूखी जमीन के हस्तांतरण की भी अपील की।
रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना यह भी चाहता है कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के साथ उसके पानी के विवाद को सुलझाए।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी पर तेलंगाना से जुड़ी परियोजनाओं को "अटकाने" की दिशा में काम करने और उन्हें पूरा कराने में मदद न करने का आरोप लगाया।
भाषा पारुल माधव
माधव
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