अमेरिका-ईरान शांति समझौता 24 घंटे के भीतर अंतिम रूप ले सकता है : पाकिस्तान
पवनेश
- 13 Jun 2026, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 13 जून (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौता अगले 24 घंटों में अंतिम रूप ले सकता है।
उनके इस बयान से महीनों के टकराव और बातचीत के बाद कूटनीतिक सफलता की उम्मीदें जगी हैं।
शहबाज ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हम शांति समझौते के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। अगले 24 घंटों में इसके अंतिम रूप लेने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद पाकिस्तान शांति समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हस्ताक्षर कराने की तैयारी कर रहा है और उसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की बातचीत होगी।''
उन्होंने बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान की ''लगातार प्रतिबद्धता'' के लिए उनका धन्यवाद किया और क्षेत्र के देशों से मिले समर्थन की सराहना की।
शहबाज ने कहा, ''हमें पूरा भरोसा है कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता स्थायी शांति के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।''
बाद में ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर शहबाज शरीफ की पोस्ट का 'स्क्रीनशॉट' साझा किया।
हालांकि, समझौते के समय के बारे में शरीफ के ताजा दावे पर व्हाइट हाउस या ईरानी अधिकारियों की ओर से तत्काल पुष्टि नहीं की गई है।
इससे एक दिन पहले, शहबाज ने कहा था, ''हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि शांति समझौते का अंतिम और सर्वसम्मति से तैयार किया हुआ मसौदा पूरा हो गया है और पाकिस्तान अब अगले कदम को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है।''
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत में प्रगति का संकेत देते हुए कहा था, ''इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर इस तरह की सहमति पूर्व में कभी नहीं बनी।''
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''समझौते को अंतिम रूप दिए जाने तक मीडिया को इसके बारे में अटकलें लगाने से बचना चाहिए। हमारी जिम्मेदार और पारदर्शी नीति के अनुरूप सभी जानकारी उचित समय पर जनता के साथ साझा की जाएगी।''
उन्होंने हालांकि इस संबंध में कोई विवरण नहीं दिया।
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म करने संबंधी संभावित समझौते के बारे में ''कई तरह की गलत जानकारी'' फैलाई जा रही है।
वेंस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''ईरानियों को किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने या बैठक में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का कोई धन या निधि जारी नहीं की जा रही।''
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था को अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार किया गया था और ईरान को आर्थिक फायदा तभी मिलेगा जब वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा।
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि शनिवार को शरीफ ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से भी बात की। इस दौरान शरीफ ने पाकिस्तान के शांति प्रयासों के लिए कतर के ''मजबूत और अटूट समर्थन'' की तारीफ़ की और उम्मीद जताई कि शांति समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होंगे।
बयान में कहा गया है कि कतर के नेता ने राजनयिक प्रयासों को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की।
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में एक अहम मध्यस्थ के तौर पर उभरा है और टकराव खत्म करने के मकसद से की जा रही कूटनीतिक कोशिशों की मेजबानी कर रहा है।
भाषा शफीक पवनेश
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