वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मैं नहीं: अकाल तख्त के आदेश पर मान
अमित
- 16 Jun 2026, 02:25 PM
- Updated: 02:25 PM
चंडीगढ़, 16 जून (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि जिस आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ अकाल तख्त द्वारा आदेश जारी किया गया है, उसमें नजर आ रहा व्यक्ति वह नहीं हैं।
मुख्यमंत्री मान ने एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि धार्मिक संस्थाओं के शीर्ष पदाधिकारी अपने ''राजनीतिक आकाओं के इशारे पर'' उनके खिलाफ दुष्प्रचार करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह मामला इस साल जनवरी में अकाल तख्त द्वारा मान को समन किये जाने से जुड़ा है। उन पर 'गुरु की गोलक' (गुरुद्वारे का दान-पात्र) के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने और एक वीडियो क्लिप में 'सिख गुरुओं' व मारे गए चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ ''आपत्तिजनक गतिविधियों'' में शामिल होने का आरोप था।
मान ने मंगलवार को अपने वीडियो संदेश में कहा कि उनके खिलाफ जारी 'हुकमनामा' में दावा किया गया है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वही हैं और यह एआई-जनरेटेड भी नहीं है। उन्होंने कहा, ''मैं इस वीडियो को पूरी तरह खारिज करता हूं।''
मान ने कहा कि जब उन्हें पहले अकाल तख्त में बुलाया गया था, तब भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि कथित वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मेरे कद और काठी से मेल नहीं खाता।''
मान ने अकाल तख्त के जत्थेदार की ओर इशारा करते हुए कहा, "लेकिन मुझे इस बात पर आश्चर्य है कि धार्मिक संस्थाओं के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर इस तरह के झूठे प्रचार में लिप्त हो रहे हैं,"
उन्होंने कहा, ''यह लोग मेरे खिलाफ बदनामी का अभियान चला रहे हैं क्योंकि मैं पानी, 'गुरबाणी', खेती और युवाओं की सुरक्षा के लिए फैसले ले रहा हूं, जो उन्हें स्वीकार नहीं है।''
मान ने कहा कि धर्म का इस्तेमाल उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि वह अकाल तख्त को सर्वोच्च संस्था मानते हैं और उसके प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे।
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सोमवार को अमृतसर में 'फसील' (अकाल तख्त के मंच) से मान के खिलाफ आदेश जारी करते हुए कहा था कि वायरल वीडियो की दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने पुष्टि की है और यह न तो परिवर्तित किया गया है और न ही इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है।
अकाल तख्त ने धार्मिक बेअदबी रोधी कानून के सिलसिले में 29 जून को राज्य के सभी सिख विधायकों (चाहे वे किसी भी पार्टी के हों) को तलब किया है।
भाषा मनीषा अमित
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