अकाल तख्त के भगवंत मान को 'गुरु विद्रोही' घोषित करने के दूरगामी परिणाम होंगे : भाजपा
प्रशांत
- 16 Jun 2026, 07:23 PM
- Updated: 07:23 PM
नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि एक "आपत्तिजनक" वीडियो को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त के 'गुरु विद्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित करने के दूरगामी राजनीतिक एवं सामाजिक परिणाम होंगे।
सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने सोमवार को मान को 'गुरु विद्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित करते हुए समुदाय के लोगों को उनसे "सभी संबंध तोड़ने" का निर्देश दिया था। यह कदम मुख्यमंत्री पर सिखों की भावनाओं को आहत करने वाले एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगने के मद्देनजर उठाया गया था।
अकाल तख्त ने कहा कि उसकी ओर से कराई गई फॉरेंसिक जांच से पता चला है कि व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो क्लिप असली थी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सॉफ्टवेयर की मदद से नहीं बनाई गई थी। वहीं, मान का कहना है कि वीडियो क्लिप में दिख रहा व्यक्ति कोई और है तथा वह उनकी कद-काठी से मेल नहीं खाता है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस घटनाक्रम को "शर्मनाक" करार देते हुए कहा कि सिख गुरुओं और सिख "मर्यादा" के प्रति सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
पूनावाला ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा है कि उस वायरल वीडियो की जांच दो फॉरेंसिक प्रयोगशाला ने की, जिसमें कथित तौर पर मान शराब के नशे में दिख रहे हैं और सिख गुरुओं की तस्वीरों पर कुछ बूंदें छिड़क रहे हैं; जांच में निष्कर्ष निकला कि फुटेज न तो नकली है और न ही इसे एआई से तैयार किया गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "इसलिए अकाल तख्त के कदमों के दूरगामी राजनीतिक और सामाजिक परिणाम होने की संभावना है।"
अकाल तख्त ने धार्मिक बेअदबी-रोधी कानून के सिलसिले में 29 जून को राज्य के सभी सिख विधायकों (चाहे वे किसी भी पार्टी के हों) को तलब किया है।
यह मामला इस साल जनवरी में अकाल तख्त के मान को तलब किए जाने से संबंधित है। 'गुरु की गोलक' (गुरुद्वारे का दान-पात्र) के बारे में कथित तौर पर टिप्पणी करने और एक वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं तथा मारे गए चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ "आपत्तिजनक गतिविधियों" में शामिल होने को लेकर उन्हें तलब किया गया था।
मान 15 जनवरी को अकाल तख्त के सामने पेश हुए और कहा कि वीडियो "नकली है या फिर एआई की मदद से बनाया गया" है। उन्होंने अकाल तख्त से कहा था कि वह देश की किसी भी प्रयोगशाला में वीडियो की फॉरेंसिक जांच करवा सकता है।
भाषा पारुल प्रशांत
प्रशांत
1606 1923 दिल्ली