झारखंड: रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार
अविनाश
- 18 Jun 2026, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
रांची/जमशेदपुर, 18 जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के रांची कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से जुड़े होने का संदेह है। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इनमें से एक आरोपी दोपहर में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान हुई मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया।
अधिकारी ने बताया कि दो आरोपियों को बुधवार देर रात लोहरदगा जिले से पकड़ा गया और उनके द्वारा इस्तेमाल की गई एक कार जब्त कर ली गई। वहीं एक और आरोपी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया।
आरएसएस ने आरोप लगाया था कि मंगलवार देर रात निवारणपुर इलाके में उसके कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके गए, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया।
रांची के पुलिस उपाधीक्षक (नगर) के वी रमण ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रांची के कोतवाली थाने में पूछताछ के दौरान एक आरोपी पुलिस हिरासत से भाग निकला। बाद में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के बाद उसे रांची के चान्हो इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के एक पैर में गोली लगी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।''
उन्होंने बताया कि घायल आरोपी की पहचान सैफ अंसारी उर्फ रोहित के तौर पर हुई।
रांची के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पारस राणा ने बताया, ''कोतवाली थाने में पूछताछ के दौरान, सैफ ने शौचालय जाने का बहाना बनाया और फिर खिड़की तोड़कर भाग निकला। हमने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पाया कि वह एक बस में सवार हो गया था।''
उन्होंने बताया, ''इसके बाद हमने कई थानों को अलर्ट किया और उसकी तस्वीर प्रसारित की। पुलिस ने उसे एक टोल प्लाज़ा के पास पकड़ लिया।''
उन्होंने बताया कि जब पुलिस टीम उसे वापस ला रही थीं, तो आरोपी ने पुलिस का हथियार छीन लिया और 2-3 राउंड गोली चलाई। एसपी ने बताया, ''जवाब में पुलिस ने भी उस पर गोली चलाई, जिससे उसके एक पैर में गोली लग गई। यह मुठभेड़ चान्हो इलाके में हुई।''
रमण ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों से जुड़ाव होने का संदेह है।
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कांच की बोतलों के टुकड़े मिले थे। पुलिस के अनुसार, बोतलों में मौजूद सामग्री का पता लगाने के लिए एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। बम निरोधक दस्ते ने भी आरएसएस कार्यालय का दौरा किया। एक अधिकारी ने कहा, ''बोतलों में मौजूद सामग्री के पेट्रोल होने का संदेह है, आईईडी या बम जैसी कोई विस्फोटक वस्तु नहीं मिली।''
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की कड़ी निंदा की और इस घटना को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार की 'वोट बैंक और तुष्टीकरण नीति' का परिणाम बताया।
दास ने बुधवार को आरएसएस कार्यालय का दौरा किया और राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने हमले के संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा से बात की।
दास ने आरोप लगाया, ''यह राष्ट्रवाद पर हमला था। यह वोट बैंक और तुष्टीकरण की नीति के लिए 'जिहादियों' को दी गई स्वतंत्रता का परिणाम था।''
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश
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