मप्र: राष्ट्रपति मुर्मू ने जबलपुर में योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया
जितेंद्र
- 21 Jun 2026, 01:17 PM
- Updated: 01:17 PM
जबलपुर, 21 जून (भाषा) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्यप्रदेश की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
जबलपुर के गैरीसन मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा निरोग, स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
राज्य के अन्य शहरों में भी 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर समारोह आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
सफेद परिधान में राष्ट्रपति मुर्मू ने योगासन और प्राणायाम किए। उनके साथ मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री यादव और राज्यपाल पटेल ने भी योगाभ्यास किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा, ''आज हम भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है।''
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है और योग इसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है।
राष्ट्रपति ने कहा, ''योग शब्द का अर्थ है जोड़ना। यह व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और संपूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।''
मुर्मू ने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग शांति, संतुलन, समरसता और सामाजिक कल्याण का मार्ग दिखा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में योग की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है तथा दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।
राष्ट्रपति ने इस वर्ष की थीम 'बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग' का उल्लेख करते हुए कहा कि योग व्यक्ति को बढ़ती आयु में भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से संतुलित बनाए रखने में सहायक है।
उन्होंने देशवासियों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
मुर्मू ने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है तो योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामाजिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में योग पद्धति की पहचान और मजबूत हुई है तथा आज विश्व के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमय बनाने की पद्धति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव अपने ज्ञान, संस्कृति और विवेक के माध्यम से विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिला कर विश्व समुदाय को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन परंपराओं और जीवन-दर्शन से परिचित कराया है। साथ ही, मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का वैश्विक संदेश भी दिया है।"
यादव ने कहा कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ वैश्विक कल्याण, शांति और समरसता को भी बढ़ावा देता है।
इस बीच, भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योगाभ्यास कर देशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।
भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन सहित राज्य के विभिन्न शहरों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर ग्वालियर में सामूहिक योग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।
इसमें सैकड़ों नागरिकों ने योग व प्राणायाम सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
उज्जैन के दशहरा मैदान में लोगों ने योग समारोह में हिस्सा लिया और योगाभ्यास भी किया।
कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र शामिल हुए।
भाषा ब्रजेन्द्र जितेंद्र
जितेंद्र
2106 1317 जबलपुर