विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा राजस्थान: मुख्यमंत्री शर्मा
धीरज
- 22 Jun 2026, 07:15 PM
- Updated: 07:15 PM
जयपुर, 22 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में राजस्थान अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार जिला आधारित विकास मॉडल को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर के. वी. राजू की उपस्थिति में जिला घरेलू उत्पाद अनुमान विषय पर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग, निवेश और सुशासन आधारित नीतियों के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो रहा है। प्रदेश का स्टार्टअप तंत्र भी तेजी से विकसित हो रहा है तथा वर्तमान में छह हजार से अधिक सक्रिय स्टार्टअप्स युवाओं को रोजगार और नवाचार के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।
प्रो. राजू ने कहा कि राज्य ने पेयजल और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है और पर्यटन, कृषि, खनन तथा सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने इन क्षेत्रों को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में शामिल करने के लिए 'डेटाबेस' बनाने, योजनाओं की सतत निगरानी, क्षमता निर्माण और असंगठित क्षेत्र में सर्वेक्षण के नमूने बढ़ाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण पर गंभीरता से काम कर रही है। इससे चूरू की हस्तशिल्प इकाइयां, भरतपुर की सरसों आधारित लघु उद्योग और बांसवाड़ा-उदयपुर के आदिवासी उत्पाद संगठित अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 'पंच गौरव' कार्यक्रम के तहत जिलावार उत्पाद, वनस्पति, खेल और पर्यटन में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' दुष्टिकोण का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि राज्य आकांक्षी उपखंडों के समग्र विकास के लिए प्रमुख फसलों और उत्पादों की पहचान कर प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन प्रणाली को मजबूत कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 'मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान' शुरू किया गया है ताकि जिला से लेकर गांव और वार्ड स्तर तक संतुलित और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित हो सके। इसके लिए 2030, 2035 और 2047 तक के 'मास्टर प्लान' जनसहभागिता और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर तैयार किए जा रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि सटीक आर्थिक आकलन के लिए मजबूत जिला घरेलू उत्पाद प्रणाली आवश्यक है। सरकार कृषि, पशुपालन, डेयरी, सहकारिता और खनन जैसे क्षेत्रों में आंकड़ों के आधार मॉडल विकसित कर रही है और वैज्ञानिक आंकड़ों के संग्रह एवं विश्लेषण के लिए जिला घरेलू उत्पाद पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जबकि संभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के जरिये इसमें शामिल हुए।
भाषा बाकोलिया धीरज
धीरज
2206 1915 जयपुर