तरजीह देने को नहीं कहा, जवाब न मिलने पर कानूनी कार्रवाई करूंगी: मानिका
पंत
- 24 Jun 2026, 12:06 PM
- Updated: 12:06 PM
नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने किसी तरह से तरजीह देने की मांग करने की बात को खारिज करते हुए बुधवार को धमकी दी कि अगर उन्हें एशियाई खेलों से बाहर करने के 'मनमाने फैसले' के लिए 'उचित स्पष्टीकरण' नहीं दिया गया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी।
मनिका ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि वह ''चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निरंतरता और जवाबदेही की हकदार हैं।''
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) के चयन मानदंडों को पूरा करने में नाकाम रहने के कारण मनिका को एशियाई खेलों से बाहर कर दिया गया था। इन खेलों में चयन के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य था।
मनिका ने बयान में कहा, ''पिछले कुछ दिनों में मैंने कई लोगों को यह कहते सुना है कि मैं एशियाई खेलों की टीम में जगह पाने की कोशिश कर रही हूं और विशेष रियायत की गुहार लगा रही हूं। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं। मैं चयन के लिए गुहार नहीं लगा रही हूं। मैं किसी से भी फैसले को पलटने की अपील नहीं कर रही हूं। मैं सिर्फ जवाब मांग रही हूं।''
उन्होंने कहा, ''मुझे पूरी उम्मीद है कि मुझे स्पष्ट और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण दिया जाएगा। अगर मुझे टीम से बाहर रखने के कारण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो मेरे पास कानूनी कार्रवाई करने का विकल्प भी है।''
राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता और दो बार की ओलंपियन ने कहा कि टीटीएफआई ने उन्हें टीम से बाहर रखने का ठोस कारण नहीं बताया है।
उन्होंने कहा, ''मैं अभी विश्व रैंकिंग में 51वें स्थान पर हूं। टेबल टेनिस में रैंकिंग हर सप्ताह अपडेट होती है। इससे स्वाभाविक रूप से कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं। रैंकिंग का मूल्यांकन करते समय किस समयावधि पर विचार किया गया? क्या आकलन पिछले 12 महीनों, छह महीनों, पिछले दो महीनों या केवल एक सप्ताह की रैंकिंग के आधार पर किया गया था?''
उन्होंने कहा, ''अगर कोई खिलाड़ी जो लगातार शीर्ष 50 में रहा है, वह एक या दो सप्ताह में 50वें से 51वें स्थान पर खिसक जाता है, तो क्या इससे वह अचानक अयोग्य हो जाता है। ये ऐसे सवाल हैं जिनके स्पष्ट उत्तर मिलने चाहिए।''
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेने के संदर्भ में मनिका ने कहा कि टीटीएफआई को उनके व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को ध्यान में रखना चाहिए था।
मनिका ने टीटीएफआई चयन समिति की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। महासंघ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर समिति का खुलासा नहीं किया है।
उन्होंने कहा, ''खिलाड़ियों को यह जानने का अधिकार है कि फैसले कौन कर रहा है तथा उनकी योग्यता क्या है। चयन समिति के कितने सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।''
भाषा
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