कानूनी खामियों को दूर करने के लिए एनडीपीएस कानून में संशोधन करेगी सरकार: शाह
नरेश
- 26 Jun 2026, 02:43 PM
- Updated: 02:43 PM
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार उन सभी कानूनी खामियों को दूर करने के लिए स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) में संशोधन करेगी जिनका इस्तेमाल मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों द्वारा किया जाता है।
शाह ने मादक पदार्थ तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के प्रति सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
शाह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय नार्को-समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्षस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए राज्यों से कहा कि वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित संशोधनों के संबंध में अपने सुझाव केंद्र सरकार को भेजें, ताकि मौजूदा खामियों को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सके।
गृहमंत्री ने देश में मादक पदार्थ की समस्या से निपटने में एजेंसियों द्वारा हासिल की गई ''सफलताओं'' का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, "वर्ष 2004 से 2014 के बीच 26 लाख किलोग्राम सिंथेटिक मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। इसके विपरीत, वर्ष 2014 से 2026 के बीच हमने 1.18 करोड़ किलोग्राम सिंथेटिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इससे स्पष्ट है कि हमारा अभियान लगातार सफलता की ओर बढ़ रहा है।"
शाह ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच जब्त किए गए मादक पदार्थों का मूल्य लगभग 40,000 करोड़ रुपये था, जबकि वर्ष 2014 से 2026 के बीच जब्त किए गए मादक पदार्थों का मूल्य लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की कार्रवाई की प्रभावशीलता और दायरे में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
गृहमंत्री ने कहा कि सरकार उन सभी कमियों को दूर करने के लिए एनडीपीएस अधिनियम में संशोधन करेगी जिनका इस्तेमाल मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने राज्यों से वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर अपने सुझाव केंद्र के साथ साझा करने का आग्रह किया।
शाह ने राज्य सरकारों से हर परिस्थिति में वास्तविक समय में सूचना साझा करना सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने कहा, "इसके लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कई पोर्टल विकसित किए हैं। मैं सभी मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों से आग्रह करता हूं कि वे अपने-अपने राज्यों से संबंधित अपराधों का विवरण निर्धारित समयसीमा के भीतर इन पोर्टल पर अपलोड करें। इससे भारत सरकार को इन मामलों की समीक्षा करने और आवश्यक सुझाव तथा प्रतिक्रिया देने में सहायता मिलेगी।"
उन्होंने सभी मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों से एनसीओआरडी बैठकों को परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। शाह ने कहा, "बैठकों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ रही है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि वे परिणामोन्मुख हों।"
उन्होंने कहा, "क्या बैठकों में लिये गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है? क्या अगली बैठक में उन निर्णयों की समीक्षा की जाती है? क्या उनका गंभीर और कठोर विश्लेषण किया जाता है? बैठकों को परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में राज्यों द्वारा किए गए प्रयास ही हमें सफलता तक पहुंचा सकते हैं।"
भाषा अमित नरेश
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