अमेरिका के पूर्व एनएसए बोल्टन ने गैरकानूनी रूप से गोपनीय दस्तावेज रखने का जुर्म कबूल किया
अविनाश
- 26 Jun 2026, 10:12 PM
- Updated: 10:12 PM
ग्रीनबेल्ट, 26 जून (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे जॉन बोल्टन ने शुक्रवार को गोपनीय जानकारी गैर-कानूनी तरीके से अपने पास रखने का अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने संघीय अभियोजकों के साथ एक समझौता किया है, जिससे उन्हें जेल की सज़ा से बचने में मदद मिल सकती है।
ट्रंप के पहले प्रशासन में काम करने के बाद उनके मुखर आलोचक बने बोल्टन को 28 अक्टूबर को मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट में अमेरिकी ज़िला जज थियोडोर चुआंग सज़ा सुनाएंगे।
बोल्टन ने गोपनीय जानकारी गैर-कानूनी तरीके से अपने पास रखने के एक आरोप में अपना अपराध स्वीकार किया। न्याय विभाग के साथ हुए समझौते से उन्हें जेल जाने से राहत मिल सकती है, लेकिन उनकी सजा का फैसला अंतत: न्यायाधीश करेंगे।
समझौते के तहत कारावास की सज़ा को अधिकतम पांच साल तक सीमित रखने की अनुशंसा की गई है, लेकिन न्यायाधीश इस समझौते के उस हिस्से को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। अगर न्यायाधीश ज़्यादा लंबी जेल की सज़ा या 22.5 लाख अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का जुर्माना लगाते हैं, तो बोल्टन अपना गुनाह कबूल करने का बयान वापस ले सकते हैं।
पिछले साल अक्टूबर में बोल्टन पर गोपनीय जानकारी गैरकानूनी तरीके से अपने पास रखने या उसे दूसरों तक पहुंचाने के 18 आरोप लगाए गए थे। इन जानकारियों में डायरी जैसे वे नोट भी शामिल थे, जो उन्होंने सरकार में अपने करियर पर आधारित संस्मरण लिखते समय अपने रिश्तेदारों के साथ साझा किए थे।
व्हाइट हाउस में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके अन्य विरोधियों पर भी संघीय अपराधों के आरोप लगाए गए। हालांकि, इनमें से कुछ मामले न्यायिक जांच और राजनीतिक बदले की भावना के दावों के बीच खारिज हो गए, लेकिन बोल्टन ने समझौता करने से पहले अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ कोई जोरदार बचाव नहीं किया।
संघीय जांच ब्यूरो (एफीआई) के अधिकारियों ने पिछले साल अगस्त में बोल्टन के मैरीलैंड स्थित आवास और वॉशिंगटन कार्यालय की तलाशी ली थी, लेकिन जांच जनवरी 2025 में ट्रंप द्वारा राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने से पहले ही शुरू हो गई थी।
बोल्टन ने 2019 में एनएसए पद से हटाए जाने से पहले ट्रंप के पहले प्रशासन में एक साल से ज़्यादा समय तक काम किया। बाद में उन्होंने 'द रूम वेयर इट हैपन्ड' नाम की एक किताब लिखी, जिसमें ट्रंप के नेतृत्व की नकारात्मक तस्वीर पेश की गई थी।
एपी धीरज अविनाश
अविनाश
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