सूडान में गृहयुद्ध को 'बढ़ावा देने' के आरोप में अमेरिका ने भारतीय कंपनी, सीईओ पर प्रतिबंध लगाए
शोभना
- 27 Jun 2026, 09:05 AM
- Updated: 09:05 AM
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 27 जून (भाषा) अमेरिका ने सूडान में गृहयुद्ध को कथित तौर पर बढ़ावा देने को लेकर विस्फोटक निर्माण कंपनी से जुड़े एक भारतीय नागरिक समेत आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने शुक्रवार को बताया कि प्रतिबंधित किए गए नेटवर्क ने सूडान सशस्त्र बल (एसएएफ) और अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' (आरएसएफ) को इस अफ्रीकी देश में गृहयुद्ध को बढ़ाने तथा उसे और भीषण बनाने में मदद की।
जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाया गया है उनमें रायपुर के आलोक चौधरी भी शामिल हैं। वह एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। इस कंपनी को 'अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से भी जाना जाता है। इस कंपनी ने एसएएफ के हथियार भंडार का रखरखाव करने वाली कंपनी को विस्फोटकों और उनसे संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप की कथित तौर पर आपूर्ति की।
वित्त मंत्रालय ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड तथा सूडान और मिस्र स्थित अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ''ये नेटवर्क सूडान सशस्त्र बल और 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' को हथियार, विस्फोटक और विदेशी लड़ाके उपलब्ध कराते हैं। उनके समर्थन ने उस संघर्ष को लंबा खींच दिया है, जिसने दुनिया का सबसे भीषण मानवीय संकट पैदा किया है और आतंकवादी समूहों को गतिविधियां संचालित करने का मौका दिया है।''
मंत्रालय ने कहा कि रायपुर स्थित एसबीएल एनर्जी ने सूडान स्थित 'टारगेट मल्टीएक्टिविटीज कंपनी' (टीएमएसी) को विस्फोटकों और संबंधित सामग्री की कथित तौर पर आपूर्ति की। बाद में इन विस्फोटकों का इस्तेमाल एसएएफ द्वारा किए गए बम हमलों में किया गया।
टीएमएसी और उसके महाप्रबंधक एवं 'डिफेंस इंडस्ट्रीज सिस्टम' (डीआईएस) के वरिष्ठ अधिकारी तारिक हुसैन मोहम्मद मदनी को भी काली सूची में डाल दिया गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, सूडान का सबसे बड़ा रक्षा प्रतिष्ठान डीआईएस, एसएएफ के हथियारों, गोला-बारूद, वाहनों और अन्य सामग्री के भंडार के लिए मदद देता है तथा उसका रखरखाव करता है। इनमें से अधिकतर सामग्री ईरान और अन्य बाहरी समर्थकों से हासिल की जाती है।
ओएफएसी ने 'पोर्ट्स इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड' को भी प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में शामिल किया है। यह सरकारी स्वामित्व वाली सिविल इंजीनियरिंग निर्माण कंपनी है, जिसकी स्थापना 1998 में हुई थी और इसका मुख्यालय पोर्ट सूडान में है।
प्रतिबंधों के दायरे में उन व्यक्तियों को भी लाया गया है, जो आरएसएफ के साथ लड़ने के लिए कोलंबिया के पूर्व सैन्य कर्मियों की भर्ती करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने पनामा स्थित कंपनी 'टैलेंट ब्रिज, एसए' से जुड़े तीन व्यक्तियों को भी काली सूची में डाल दिया। इस कंपनी का इस्तेमाल भर्ती अभियान को कथित तौर पर छिपाने के लिए किया गया।
प्रतिबंधित व्यक्तियों में पनामा के नागरिक एनरिक डेनियल पलासियोस क्विंतानिला और जैक पीटर डर्मन गुजमैन तथा कोलंबिया के नागरिक फ्रेडी एलेजांद्रो लोपेज ओकांपो शामिल हैं। ये सभी कंपनी में कार्यकारी या प्रबंधकीय पदों पर हैं।
भाषा
सिम्मी शोभना
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