तेलंगाना के मुख्यमंत्री मुसलमानों को भड़का रहे, एसआईआर प्रक्रिया में डाल रहे बाधा: किशन रेड्डी
प्रशांत
- 27 Jun 2026, 07:42 PM
- Updated: 07:42 PM
हैदराबाद, 27 जून (भाषा) केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शनिवार को आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी मुसलमानों को भड़काने, राज्य में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में बाधा डालने के उद्देश्य से बयान दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) हैदराबाद के पुराने शहर में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को घर-घर सर्वेक्षण करने से रोकने के लिए उन्हें धमका रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) भी असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी का समर्थन कर रही हैं।
रेड्डी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "कांग्रेस सरकार और खुद मुख्यमंत्री लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में मुसलमानों की एक बैठक में उन्होंने कहा कि यदि सावधानी नहीं बरती गई तो आपके वोट खत्म हो जाएंगे। इस तरह मुसलमानों को भड़काने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री स्वयं कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावित करने और इसे धर्म से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि हैदराबाद में रोहिंग्या तथा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए लोगों के पास मतदाता पहचान पत्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद की कई आवासीय कॉलोनियों में रोहिंग्या रह रहे हैं और एक ही व्यक्ति के नाम पर दोहरे मतदाता पंजीकरण के मामले भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों का समाधान करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा निर्वाचन आयोग पर झूठे आरोप लगाए जाने के बावजूद एसआईआर की प्रक्रिया को नहीं रोका जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि एसआईआर की प्रक्रिया तेलंगाना सरकार के कर्मचारी ही संचालित कर रहे हैं, फिर भी मुख्यमंत्री, कांग्रेस और बीआरएस इस प्रक्रिया को लेकर झूठी जानकारी फैला रहे हैं, क्योंकि उन्हें सरकारी कर्मचारियों पर भरोसा नहीं है।
किशन रेड्डी ने कहा, "पुराने शहर में एआईएमआईएम बीएलओ को धमकाने की कोशिश कर रही है। उनसे कहा जा रहा है कि वे घर-घर जाकर सर्वेक्षण न करें। (एआईएमआईएम का कहना है कि) हम आपको पहले से भरे हुए फॉर्म दे देंगे, आप किसी का नाम मतदाता सूची से न हटाएं। पिछले चार महीनों से यही किया जा रहा है। कांग्रेस और बीआरएस इसमें पूरा सहयोग कर रही हैं।"
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया एआईएमआईएम की मर्जी के अनुसार नहीं चलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार एआईएमआईएम के दबाव में आकर सरकारी कर्मचारियों को धमकाती है, तो भाजपा उनके साथ खड़ी होगी।
भाषा तान्या प्रशांत
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2706 1942 हैदराबाद