अदालत ने केजरीवाल की पत्नी को उनके चिकित्सा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की अनुमति दी
नेत्रपाल पवनेश
- 06 Jul 2024, 07:36 PM
- Updated: 07:36 PM
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक अदालत ने शनिवार को जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता को उनके चिकित्सा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी और उन्हें उनकी ओर से मेडिकल बोर्ड या डॉक्टरों से स्वतंत्र रूप से सलाह लेने की अनुमति भी दे दी।
हालांकि, अदालत ने केजरीवाल की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें चिकित्सकों से परामर्श के दौरान सुनीता केजरीवाल को उनकी ‘अटेंडेंट’ के तौर पर शामिल करने की अनुमति देने के लिए जेल अधिकारियों को निर्देश दिए जाने का आग्रह किया गया था।
विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने कहा कि केजरीवाल को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है और दिल्ली जेल नियमों के अनुसार, जेल अधीक्षक द्वारा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के साथ परामर्श करने के बाद किसी विचाराधीन कैदी के साथ ‘अटेंडेंट’ के रूप में परिवार के किसी सदस्य को तभी अनुमति तभी दी जाती है जब कैदी अस्पताल में भर्ती हो।
अदालत ने कहा, ‘‘इस अदालत को जेल नियमों के खिलाफ जाकर आवेदक (केजरीवाल) के लिए अपवाद बनाने का कोई कारण नहीं दिखता है, विशेष रूप से जेल अधिकारियों की इस दलील के मद्देनजर कि कई अन्य कैदी भी आवेदक जैसी ही बीमारी का इलाज करा रहे हैं जिन्हें ‘अटेंडेंट’ रखने की अनुमति नहीं दी गई है।’’
केजरीवाल की पत्नी को उनके चिकित्सा रिकॉर्ड देने के संबंध में अदालत ने कहा कि जेल अधिकारियों को कोई आपत्ति नहीं है और कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री इस बात पर सहमत हुए कि उनके चिकित्सा रिकॉर्ड संबंधित अधिकारियों द्वारा "विधिवत साझा" किए जा रहे हैं।
अदालत ने कहा कि इसके अलावा, केजरीवाल के परिवार के सदस्य उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मेडिकल बोर्ड द्वारा निर्धारित आहार के अनुसार घर का बना खाना उपलब्ध करा रहे हैं।
इसने कहा, "तदनुसार, जहां तक आवेदक के अपनी पत्नी को चिकित्सकों के साथ हुई बैठकों/परामर्शों के चिकित्सा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के संबंध में अनुरोध का सवाल है, उसे स्वीकार किया जाता है और जेल अधिकारियों को आवेदक के चिकित्सा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाता है।"
अपनी पत्नी को स्वतंत्र रूप से परामर्श लेने और मेडिकल बोर्ड या चिकित्सकों से सलाह लेने की अनुमति देने के केजरीवाल के अनुरोध के संबंध में, अदालत ने कहा कि केजरीवाल और उनके वकील ने बताया कि ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि उनका निर्धारित आहार ठीक से तैयार किया जा सके।
अदालत ने कहा, ‘‘यह निवेदन किया गया है कि आवेदक की पत्नी के पास मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के अनुसार आहार तैयार करने की विधि के बारे में कुछ प्रश्न हो सकते हैं, जिसके लिए उन्हें एम्स के चिकित्सकों/मेडिकल बोर्ड से परामर्श करने की आवश्यकता हो सकती है।’’
इसने कहा, ‘‘उक्त दलीलें उचित प्रतीत होती हैं और इस संबंध में यह निर्देश दिया जाता है कि इस तरह के प्रश्न के मामले में, आवेदक की पत्नी स्वतंत्र रूप से संबंधित मेडिकल बोर्ड/चिकित्सकों से संपर्क कर सकती हैं, जो, यदि अस्पताल के नियमों के तहत अनुमति हो, आवेदक के लिए चिकित्सकीय रूप से निर्धारित आहार तैयार करने की विधि पर चर्चा करने के लिए उनके साथ बैठक/परामर्श कर सकते हैं।’’
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