बिहार: सरकारी अस्पतालों में लगेंगे सीसीटीवी, केंद्रीय कंट्रोल रूम से होगी निगरानी: स्वास्थ्य मंत्री
जोहेब
- 01 Jul 2026, 05:18 PM
- Updated: 05:18 PM
पटना, एक जुलाई (भाषा) बिहार में सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां से अस्पतालों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने यह जानकारी दी।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश कार्यालय में जनसुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी।
कुमार ने कहा कि इसके माध्यम से यह निगरानी की जाएगी कि डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी समय पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं।
कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्थापित किए जाने वाले केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से पूरे राज्य के सरकारी अस्पतालों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी तय होगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी स्तर की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे और विभाग की विशेष टीमें विभिन्न जिलों के अस्पतालों में नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेंगी।
उन्होंने कहा कि जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए अस्पतालों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि नयी निगरानी व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
कुमार ने कहा कि राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार रिक्त पदों को भरने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही है।
कुमार ने बताया कि राज्य के ट्रॉमा सेंटरों की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है और गंभीर व आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता में सुधार लाना और लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करना है।
भाषा कैलाश
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