भाजपा नेता राम माधव पाकिस्तान के सेवानिवृत आईएसआई अधिकारी से क्यों मिले: कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख
अविनाश
- 01 Jul 2026, 07:40 PM
- Updated: 07:40 PM
बेंगलुरु, एक जुलाई (भाषा) कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी नेता राम माधव और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक सेवानिवृत मेजर जनरल के बीच हुई कथित मुलाकातों को लेकर बुधवार को सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस को इन मुलाकातों का मकसद बताना चाहिए, खासकर तब, जब माधव आगामी जीबीए चुनावों के लिए पार्टी के प्रभारी हैं।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए हरिप्रसाद ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बयानों को गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशों का आरोप लगाया।
इसके साथ ही उन्होंने मंदिर के दान में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने की भी मांग की।
हरिप्रसाद ने पूछा, "हम राम माधव का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह अगस्त में होने वाले ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) चुनावों के लिए भाजपा के प्रभारी हैं। जीबीए चुनावों के सिलसिले में कोलंबो जाकर आईएसआई से बात करने का क्या मकसद था? क्या विदेश मंत्रालय ने भारत की विदेश नीति राम माधव को सौंप दी है? क्या इसे आरएसएस को सौंप दिया गया है?"।
मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि राम माधव कोलंबो में आईएसआई के एक सेवानिवृत मेजर जनरल से मिले थे और आरोप लगाया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दो महीने बाद लंदन में भी ऐसी ही एक बैठक हुई थी।
उन्होंने मांग की कि माधव बताएं कि इसका मकसद क्या था और आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा देश की नीति को पूरी तरह बदल रहे हैं।
माधव पहले ही इस आरोप को खारिज कर चुके हैं।
माधव ने 27 जून को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "यह पूरी तरह से गलत है। यह 'ट्रैक 2' बातचीत नहीं थी। यह आईआईएसएस का सालाना 'दक्षिण एशिया संवाद' था, जिसमें भारत, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के विद्वान शामिल हुए थे। पहले भी अधिकारी इस सालाना बातचीत में शामिल होते रहे हैं। इतने अधिक देशों के साथ 'ट्रैक 2' बातचीत नहीं होती। मैं दो दिन की इस बातचीत में शामिल नहीं हुआ था। मुझे एक सत्र में बोलने के लिए बुलाया गया था, मैंने अपना भाषण दिया और चला आया। एक बेमतलब की बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।"
मंदिर के दान-पात्रों से जुड़े आरोपों पर हरिप्रसाद ने कहा कि अब चेतावनी बोर्ड लगाकर श्रद्धालुओं को चढ़ावे की चोरी के प्रति आगाह करना होगा।
उन्होंने कहा, "अब एक नया बोर्ड लगाना होगा जिस पर लिखा हो, 'दान पेटी की भी सुरक्षा करें। सावधान रहें, यहां ऐसे चोर हैं जो दान पेटी से पैसे चुरा लेते हैं।' " उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए और गाय संरक्षण अभियानों से जुड़े कर्नाटक के एक नेता की संपत्ति की जांच की मांग भी की।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि कांग्रेस इस प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके कथित दुरुपयोग के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, "हम एसआईआर के खिलाफ नहीं हैं। हम एसआईआर की आड़ में रची जा रही साजिश के खिलाफ हैं।"
कांग्रेस के राज्य प्रमुख ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में मतदाता सूची से लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
हरिप्रसाद ने ईंधन की कीमतें कम करने की भी मांग की और तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर घरेलू खुदरा कीमतों पर भी दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा, "डीजल और पेट्रोल की कीमतें भी कम की जानी चाहिए। हमारी मांग है कि इन्हें युद्ध से पहले वाले स्तर पर वापस लाया जाए।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश
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