दिल्ली : राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार छह विदेशियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
दिलीप
- 03 Jul 2026, 07:34 PM
- Updated: 07:34 PM
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप में गिरफ्तार यूक्रेन के पांच और एक अमेरिकी सहित कुल छह विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत शुक्रवार को एक अगस्त तक बढ़ा दी।
इन विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामलों की सुनवाई करने के लिए नियुक्त विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में पेश किया गया।
आतंकवाद की एक वृहद साजिश के सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही है। इस साजिश में भारत और म्यांमा के जातीय विद्रोही गुटों से संदिग्ध संबंध और उन्हें ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देना शामिल है।
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक को व्हीलचेयर पर अदालत में पेश किया गया।
मामले में एक अन्य सह आरोपी यूक्रेन के नागरिक को शनिवार को अदालत के समक्ष पेश किये जाने की संभावना है।
इस बीच, अदालत ने संज्ञान लिया कि एनआईए के अनुरोध पर छह विदेशी नागरिकों ने अपनी आवाज के नमूने देने पर सहमति दे दी है।
उम्मीद की जा रही है कि अदालत शनिवार को एनआईए को नमूने लेने के लिए कोई तारीख देगी।
सूत्रों ने बताया कि डाइक जेल का खाना नहीं खा रहा है और केवल जूस और सोया मिल्क जैसे तरल खाद्य पदार्थों पर गुजारा कर रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही डाइक की ओर से बाहर का खाना मंगाने की अनुमति के लिए अदालत में एक अर्ज़ी दी जाएगी।
आरोपियों को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। 16 मार्च को अदालत ने उन्हें पूछताछ के लिए संघीय एजेंसी की 11 दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। बाद में इस अवधि में 10 दिन की और बढ़ोतरी कर दी।
एनआईए ने 16 मार्च को आरोपियों की हिरासत के लिए अदालत में दाखिल अर्जी में प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि यूक्रेन के कुछ नागरिक अलग-अलग तारीखों पर पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और हवाई मार्ग से गुवाहाटी गए थे। वहां से वे जरूरी दस्तावेज़, जैसे कि 'प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट' या 'सरंक्षित क्षेत्र परमिट' लिए बिना मिजोरम में दाखिल हुए।
अर्जी में कहा गया कि आरोपी मिजोरम के रास्ते गैर कानूनी तरीके से म्यांमा में दाखिल हुए, जहां पड़ोसी देश के जातीय सशस्त्र संगठन के लिए पहले से तय प्रशिक्षण देने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
एनआईए ने कहा कि जांच का दायरा 'बहुत व्यापक' है, जिसमें न केवल आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना, बल्कि उनके लिए ''समर्थन, उकसावा और तैयारी'' के पहलू भी शामिल हैं।
अदालत ने पूर्व में टिप्पणी की थी कि इन आरोपों में निश्चित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हित शामिल हैं, और ये मोटे तौर पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18 (साजिश के लिए सज़ा) के दायरे में आते हैं।
अदालत ने छह अप्रैल को आरोपियों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप
0307 1934 दिल्ली