हनीमून हत्या मामला: राजा के भाई ने कहा 'सीबीआई ने जांच की होती, तो सोनम को जमानत नहीं मिलती'
अमित
- 03 Jul 2026, 11:26 PM
- Updated: 11:26 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), तीन जुलाई (भाषा) मेघालय में हनीमून के दौरान इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद शुक्रवार को उनके परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की मांग दोहराई।
परिवार ने आरोप लगाया कि मेघालय पुलिस की कानूनी चूक की वजह से मुख्य आरोपी और राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई।
राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी की ओर से यह बयान ऐसे वक्त सामने आया, जब उच्चतम न्यायालय ने सोनम को एक निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत बरकरार रखने वाले मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
विपिन ने इंदौर में 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में 'हाई-प्रोफाइल' मामलों को लेकर सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा,"किसी रसूखदार व्यक्ति की संतान की मौत पर सीबीआई जांच का आदेश तुरंत जारी हो जाता है। मेरे भाई राजा की हत्या को एक साल से ज्यादा वक्त हो चुका है, लेकिन अब तक इस मामले में सरकार ने सीबीआई जांच का आदेश जारी नहीं किया है।"
अभियोजन की कार्यप्रणाली पर विपिन पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि राजा रघुवंशी हत्या मामले की तहकीकात की कमान शुरुआत में ही सीबीआई को सौंप दी जाती, तो मुख्य आरोपी सोनम को वर्तमान जांच एजेंसी (मेघालय पुलिस) की कानूनी चूक का अदालत में लाभ उठाने का अवसर नहीं मिलता।
मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को राज्य सरकार की वह याचिका खारिज कर दी थी जिसमें सोनम को निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत रद्द करने का अनुरोध किया गया था।
उच्च न्यायालय ने सोनम को उसकी गिरफ्तारी के आधार बताने की प्रक्रिया में मेघालय पुलिस की गंभीर त्रुटियों का उल्लेख किया था और आरोपी को जमानत देने का निचली अदालत का आदेश बरकरार रखा था।
मेघालय सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
इंदौर की निवासी सोनम, निचली अदालत की जमानत शर्तों के मुताबिक इन दिनों शिलांग में रह रही है।
राजा के भाई विपिन ने अपने परिवार की यह आशंका दोहराई कि यदि सोनम लंबे समय तक जमानत पर बाहर रहती है, तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकती है या गवाहों को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा, "मेरे परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हमें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।"
अधिकारियों ने बताया कि अपने पति राजा की साजिशन हत्या में शामिल होने के आरोप में सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से नौ जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था। वह जमानत पर रिहा होने से पहले 10 महीने से अधिक समय तक शिलांग के जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद रही थी।
राजा का परिवार इंदौर में ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। राजा और सोनम 2025 में हनीमून के दौरान मेघालय में लापता हो गए थे। बाद में ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (चेरापूंजी) में एक झरने के पास गहरी खाई में राजा का शव मिला था।
मेघालय पुलिस ने आरोप लगाया है कि सोनम ने अपने 'प्रेमी' राज कुशवाह और भाड़े के तीन हत्यारों के साथ मिलकर पति राजा की साजिश के तहत हत्या कराई ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके।
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