नगालैंड सरकार एफएनटीए कानून को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी
संतोष
- 07 Jul 2026, 01:11 PM
- Updated: 01:11 PM
कोहिमा, सात जुलाई (भाषा) नगालैंड मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) के लिए कानून बनाने के उद्देश्य से विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। साथ ही इस संस्था को विधायी शक्तियां प्रदान करने के लिए केंद्र से मंजूरी का अनुरोध किया है।
मंत्रिमंडल ने ईस्टर्न नगालैंड लेजिस्लेटर्स यूनियन (ईएनएलयू) के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार को आपात बैठक की, जिसमें केंद्र से इस क्षेत्र के लिए प्रस्तावित विकास पैकेज को 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये करने का आग्रह करने का भी फैसला किया गया।
एफएनटीए बनाने के लिए केंद्र, नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के बीच पांच फरवरी को हुए समझौते (एमओए) को लागू करने में हो रही देरी को लेकर चिंता के बीच गृह विभाग ने एक बयान जारी कर इन फैसलों की घोषणा की।
ये फैसले ऐसे समय में लिए गए हैं जब ईएनपीओ ने समझौते को लागू करने में देरी के विरोध में 10 जुलाई को पूर्वी जिलों में एक सार्वजनिक रैली आयोजित करने और बंद की घोषणा की।
सरकार ने कहा कि प्रस्तावित कानून में एफएनटीए को उसके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में हस्तांतरित विषयों और विभागों पर विधायी शक्तियां प्रदान करने के प्रावधान शामिल किए जाएंगे। यह प्रक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय से परामर्श और उसकी मंजूरी के अधीन होगी तथा यह संविधान के अनुरूप होगी।
सरकार ने बताया कि उसने इससे पहले बजट सत्र के दौरान एफएनटीए विधेयक का मसौदा तैयार कर विधानसभा में पेश किया था, लेकिन विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया रोक दी गई थी, क्योंकि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को सूचित किया था कि प्राधिकरण को विधायी शक्तियां देने से जुड़े संवैधानिक मुद्दों की अभी समीक्षा की जा रही है।
मंत्रिमंडल ने यह भी दोहराया कि संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के तहत सुरक्षा उपाय ''अत्यंत महत्वपूर्ण और अपरिवर्तनीय'' हैं तथा उन्हें कमजोर नहीं किया जा सकता और ना ही बदला जा सकता है।
बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में ईएनएलयू सदस्यों के साथ एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले पर केंद्र से परामर्श, मंजूरी और मार्गदर्शन के लिए नयी दिल्ली जाएगा।
सरकार ने ईएनपीओ से भी अपील की कि एफएनटीए की स्थापना के लिए उठाए जा रहे कदमों को देखते हुए वह 10 जुलाई को पूर्वी जिलों में प्रस्तावित सार्वजनिक रैली और बंद के फैसले पर पुनर्विचार करे।
भाषा सुरभि संतोष
संतोष
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