दिल्ली: बिल्डर के दफ्तर पर गोलीबारी के मामले में पांच गिरफ्तार, मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया
सुरेश
- 07 Jul 2026, 06:06 PM
- Updated: 06:06 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पहाडगंज के एक बिल्डर से 30 लाख रुपये की रंगदारी को लेकर उसके दफ्तर पर गोलीबारी करने के मामले में मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों में एक स्थानीय बिल्डर और होटल व्यवसायी भी शामिल है, जिन्होंने शिकायककर्ता से रंगदारी वसूलने के लिए एक अंतरराज्यीय गिरोह के साथ मिलकर साजिश रची थी।
अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी की पहचान पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान के रूप में हुई है, जिसे आईपी एस्टेट में कब्रिस्तान के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी ने भागने की कोशिश के क्रम में पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलीबारी की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिससे आरोपी के दोनों पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "गोलीबारी की घटना 29 जून को उस वक्त हुई जब एक हथियारबंद व्यक्ति पहाड़गंज के आर्य नगर में बिल्डर महेश चंद के कार्यालय में घुस गया और 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी तथा पांच लाख रुपये तत्काल मांगे।"
उन्होंने कहा कि जब बिल्डर ने पैसे देने से इनकार किया तो हमलावर ने उसे मारने के इरादे से गोली चला दी और भाग गया। नबी करीम थाने में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद घटना की जांच के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं।
जांच के दौरान, विभिन्न टीमों ने इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, होटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मुखबिरों से हासिल खुफिया जानकारी का विश्लेषण किया।
अधिकारी ने बताया, "पहली सफलता विशाल भाटी उर्फ भांजा की गिरफ्तारी से मिली, क्योंकि उसी से पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को शेष साजिशकर्ताओं की पहचान करने और एक अंतरराज्यीय जबरन वसूली साजिश का पर्दाफाश करने में मदद मिली।''
आगे की जांच से पता चला कि स्थानीय बिल्डर और होटल व्यवसायी पवन कुमार उर्फ पवन चेतली ने अपने सहयोगी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा के साथ मिलकर गिरोह के रहने एवं बैठक के लिए स्थान मुहैया कराये और शिकायतकर्ता एवं उसके परिवार के बारे में जानकारी साझा की।
पुलिस ने आरोप लगाया कि जहां पवन पहलवान खुद को पहाड़गंज इलाके में बिल्डरों और व्यापारियों के बीच रंगदारी वसूली करने वाले व्यक्ति के रूप में स्थापित करना चाहता था, वहीं पवन चेतली ने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता को निपटाने और स्थानीय बिल्डरों में अपना प्रभुत्व जमाने के लिए अपराध का सहारा लेने की कोशिश की।
पुलिस टीमों को यह भी पता चला कि एक अन्य मुख्य साजिशकर्ता शक्ति सिंह घटना के तुरंत बाद कोलकाता भाग गया था। एक टीम ने उसका पता लगाया और वहां से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, साजिशकर्ताओं ने वारदात को अंजाम देने से पहले पहाड़गंज के होटलों में कई बैठकें कीं और शिकायतकर्ता के दफ्तर की टोह ली थी।
पुलिस ने यह भी कहा कि पवन पहलवान ने सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शित करते हुए, गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी ली और शिकायतकर्ता को धमकी देते हुए वीडियो पोस्ट किया था।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान पवन पहलवान, शक्ति सिंह, विशाल भाटी, पवन चेतली और राजेश सचदेवा के तौर पर हुई है। पुलिस ने कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड के सत्यापन से पता चला कि शक्ति सिंह उत्तर प्रदेश के गौतमबौद्ध नगर का 'हिस्ट्रीशीटर' है और 13 आपराधिक मामलों में शामिल है, जबकि पवन चेतली और राजेश सचदेवा के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अधिकारी ने कहा, ''पुलिस ने पवन पहलवान के कब्जे से एक पिस्तौल, दो कारतूस, कारतूस के तीन खाली खोखे और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।''
पुलिस ने कहा कि शिकार्यकर्ता के दफ्तर पर गोलीबारी में इस्तेमाल की गई पिस्तौल को बरामद करने, अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान करने के लिए आगे की जांच की जा रही है।
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