युवाओं की सक्रिय भागीदारी से 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को जन आंदोलन बनाएं : नड्डा
अविनाश
- 07 Jul 2026, 06:10 PM
- Updated: 06:10 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन में तब्दील करने में सहयोग के लिए देश की युवा शक्ति से सहयोग का आह्वान किया।
नड्डा ने युवा मामले और खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया तथा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ एक उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश में तपेदिक (टीबी) उन्मूलन अभियान में स्वयंसेवकों, शिक्षण संस्थानों, कार्यस्थलों और रक्षा कर्मियों की अधिक भागीदारी का आह्वान किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने रेखांकित किया कि तपेदिक का उन्मूलन करने के लिए ''सरकार और समाज, दोनों के मिलकर काम करने'' वाले नजरिए की जरूरत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'प्रगति' समीक्षा बैठक में की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ाने, बीमारी का जल्द पता लगाने, इलाज के नियमों का पालन करने और मरीजों की मदद करने में युवाओं और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी होगी।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक नड्डा ने कहा कि ''टीबी मुक्त भारत अभियान'' को देशव्यापी जन-आंदोलन बनाने के लिए भारत के युवाओं की शक्ति का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने युवा मामले और खेल मंत्रालय से कहा कि वे 'टीबी मुक्त भारत टोली' मॉडल को मज़बूत करने, जांच शिविर के लिए स्वयंसेवकों को एकत्र करने और स्कूलों, कॉलेजों व समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करके अभियान में 'माई भारत' स्वयंसेवकों और नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट की भागीदारी बढ़ाएं।
स्वास्थ्य मंत्री ने सामुदायिक जागरूकता अभियान, घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने, टीबी मरीज़ों के लिए पौष्टिक आहार सहायता कार्यक्रम और एनसीसी प्रशिक्षण शिविर , गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों, खेलों के शिविर और ग्रामीण इलाकों में चलाए जाने वाले कार्यक्रम में टीबी से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों को शामिल करने में रक्षा मंत्रालय की अधिक भागीदारी पर जोर दिया।
मांडविया ने इस अभियान में चिकित्सा महाविद्यालयों को बड़े पैमाने पर शामिल करके संस्थागत तालमेल बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि देश में लगभग छह लाख स्नातक और करीब दो लाख स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्र हैं, जो टीबी उन्मूलन के प्रयासों में योगदान दे सकते हैं।
सरकार के अनुसार, दिसंबर 2024 में शुरू 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत अबतक 28 करोड़ से अधिक संवेदनशील लोगों की जांच की जा चुकी है।
सरकार ने बताया कि जांच की वजह से 39 लाख से अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई। इनमें 12.93 लाख ऐसे मरीज भी शामिल हैं जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं थे। इनकी पहचान सीने के एक्स-रे के जरिए की गई, जिससे बीमारी का जल्द पता चलने और इलाज शुरू होने में मदद मिली।
सरकार ने बताया कि इस पहल के तहत 5.7 लाख से ज़्यादा 'नि-क्षय मित्रों' ने पंजीकरण कराया है और टीबी मरीजों को 38.9 लाख पोषाहार किट बांटे गए हैं जबकि 20 लाख से अधिक मरीजों को इस कार्यक्रम के तहत व्यक्तिगत मदद मिली है।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
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