स्कूल शिक्षा रिपोर्ट कार्ड: राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में चंडीगढ़ सबसे आगे
माधव
- 07 Jul 2026, 08:34 PM
- Updated: 08:34 PM
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) शिक्षा मंत्रालय के प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक 2025-26 के अनुसार, स्कूल शिक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ सबसे ऊपर है, जबकि पंजाब, केरल और दिल्ली दूसरे स्थान पर हैं।
केंद्र-शासित क्षेत्र दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव भी स्कूल शिक्षा के प्रदर्शन के मामले में दूसरे स्थान पर रहा।
प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (पीजीआई) का दूसरा संस्करण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रैंक देने के बजाय उन्हें अलग-अलग ग्रेड में बांटकर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। ग्रेडिंग का यह तरीका कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक ही परफॉर्मेंस बैंड में रखता है, जिससे मूल्यांकन का एक ज़्यादा संतुलित और रचनात्मक ढांचा तैयार होता है।
पीजीआई को दो प्रमुख श्रेणियों—परिणाम तथा शासन एवं प्रबंधन के अंतर्गत शामिल 70 संकेतकों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें छह प्रमुख क्षेत्रों का आकलन किया जाता है: शैक्षणिक परिणाम एवं गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचा एवं सुविधाएं, समानता, प्रशासनिक प्रक्रियाएं तथा शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण।
इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके प्राप्त अंकों के आधार पर विभिन्न ग्रेड में वर्गीकृत किया जाता है। इसमें सबसे उच्च श्रेणी 'उत्कर्ष' है, जो 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दी जाती है।
इसके बाद क्रमशः 'उत्तम-1' (81-90 प्रतिशत), 'उत्तम-2' (71-80 प्रतिशत), 'उत्तम-3' (61-70 प्रतिशत), 'प्रचेष्टा-1' (51-60 प्रतिशत), 'प्रचेष्टा-2' (41-50 प्रतिशत) और 'प्रचेष्टा-3' (31-40 प्रतिशत) श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 'आकांक्षी-1' (21-30 प्रतिशत), 'आकांक्षी-2' (11-20 प्रतिशत) और 'आकांक्षी-3' (10 प्रतिशत तक) श्रेणियों में भी वर्गीकृत किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ने 'उत्कर्ष', 'उत्तम-1' और 'उत्तम-2' श्रेणी हासिल नहीं की है। 'उत्तम-3' श्रेणी में केवल चंडीगढ़ शामिल है। वहीं, कोई भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश 'आकांक्षी-1' और 'आकांक्षी-2' श्रेणी में नहीं आया है।
जिलों के प्रदर्शन के मामले में 2025-26 में कोई भी जिला सर्वोच्च 'उत्कर्ष' श्रेणी हासिल नहीं कर सका। हालांकि, एक जिले ने 'उत्तम-1' श्रेणी प्राप्त की, जबकि 13 जिले 'उत्तम-2' श्रेणी तक पहुंचे। यह संख्या 2024-25 में 16 जिलों की तुलना में कम है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 19 जिलों में दिल्ली के चार, पंजाब के सात, केरल के तीन और महाराष्ट्र के दो जिले शामिल हैं। इसके अलावा चंडीगढ़, दीव और हिमाचल प्रदेश का हमीरपुर जिला भी इस सूची में शामिल हैं।
भाषा आशीष माधव
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