वायनाड भूस्खलन : चमत्कारिक तरीके से बाल-बाल बचा दंपति
दिलीप
- 07 Jul 2026, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
वायनाड (केरल), सात जुलाई (भाषा)केरल के वायनाड-कोझिकोड सड़क सुरंग परियोजना स्थल पर मंगलवार को हुए भूस्खलन में एक दंपति बाल-बाल बचा।
घटना के प्रसारित वीडियो में दिख रहा है कि कल्लाडी में मीनाक्षी पुल पर एक एस्टेट महिला कर्मी पति और कई अन्य लोगों को तेज़ी से भागते नजर आ रहे हैं, क्योंकि कीचड़ की एक विशाल लहर निर्माण स्थल के चारों ओर लगे धातु और कपड़े के अवरोधकों को तोड़कर उनकी ओर तेज़ी से बढ़ रही है।
कुछ पल के लिए ऐसा लगता है कि बचने का कोई रास्ता नहीं है। एक दूसरे कोण में लगा सीसीटीवी कैमरा में रिकॉर्ड तस्वीर से आगे का घटनाक्रम स्पष्ट होता है।
वीडियो में दिख रहा है कि कीचड़ का सैलाब उस जोड़े और कई अन्य लोगों तक पहुंच जाता है और उन्हें एक बड़े टैंकर ट्रक के साथ बहा ले जाता है।
कीचड़ का तेज बहाव लोगों और भारी गाड़ी, दोनों को पुल के पार ले जाता है और दूसरी तरफ दुकानों की एक कतार से टकराने के बाद आखिरकार रुक जाता है।
भूस्खलन की वजह से टैंकर उछलकर पुल के दूसरी तरफ खड़ी एक जीप से जा टकराता है। इस वीडियो को देखने वाले उस जोड़े के लिए सबसे बुरा होने की आशंका से डर जाते हैं, जो उथल-पुथल मचाती कीचड़ के नीचे गायब हो गया था।
फिर, कुछ ही सेकंड बाद, वे लॉरी और जीप के बीच से बाहर निकलते हैं। वे सिर से पैर तक कीचड़ में सने हुए थे, लेकिन जिंदा बचे रहे।
घटना के बाद एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में महिला एस्टेट कर्मी ने भूस्खलन होने से ठीक पहले के डरावने पलों को याद किया।
उन्होंने कहा, ''हम निर्माण स्थल से कुछ दूरी पर बस का इंतज़ार कर रहे थे, तभी हमने देखा कि वहां से मिट्टी का एक बड़ा ढेर नीचे की ओर खिसक रहा है।''
महिला ने बताया, ''जब हम पुल पर भाग रहे थे, तो कीचड़ का बहाव हमें बहा ले गया। हम गिर पड़े और कीचड़ हमें लॉरी के साथ ही बहा ले गया। मुझे लगा कि मैं लॉरी के नीचे दब जाऊंगी, लेकिन हम उसके साथ-साथ बहते रहे। पता नहीं हम कैसे बच गए।'' इस घटना में उसके दाहिने हाथ में मामूली चोट आई है।
इस आपदा में उनके पति भी बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। महिला का पति भी एक एस्टेट में काम करता है।
महिला ने बताया कि बस अड्डे पर एक और व्यक्ति इंतज़ार कर रहा था और उनके पीछे-पीछे भाग रहा था, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उसके साथ क्या हुआ।
उन्होंने कहा, '' निर्माण स्थल पर भी कुछ लोग थे। मुझे नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ। भगवान की कृपा से हम ज़िंदा हैं।''
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप
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