मुक्केबाज प्रीति की नजरें राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक पर
सुधीर
- 08 Jul 2026, 03:49 PM
- Updated: 03:49 PM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) भारत की युवा मुक्केबाज प्रीति पंवार ने अपने करियर की शुरुआत में ही यह सबक सीख लिया था कि जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं होता और उम्मीद के अनुरूप योजनाएं काम नहीं करती इसलिए वह शानदार नतीजों के भरोसे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर नजरें लगाए हैं।
वह किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रही हैं। 22 साल की बैंथमवेट (54 किग्रा) मुक्केबाज प्रीति पिछले तीन साल में भारत की सबसे होनहार मुक्केबाजों में से एक बनकर उभरी हैं। उन्होंने मुश्किलों का सामना करते हुए लगातार पदक जीते हैं।
प्रीति ने 2023 में सीनियर विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बावजूद प्रभावित किया। उसी साल बाद में उन्होंने हांग्झोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करके वापसी की।
हालांकि 'हेपेटाइटिस ए' होने के कारण उनका ओलंपिक अभियान बाधित हो गया। बीमारी से तैयारी पर असर पड़ने के बावजूद वह राउंड 16 तक पहुंचीं। इस अनुभव ने उनके नजरिए को और अधिक संतुलित बना दिया है।
प्रीति ने पीटीआई से कहा, ''मैं राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं और भारत के लिए पदक पदक जीतना चाहती हूं। देखते हैं क्या होता है क्योंकि कभी-कभी हम कुछ योजना बनाते हैं लेकिन चीजें वैसी नहीं होतीं जैसी हम चाहते हैं। ''
ओलंपिक के बाद लंबे ब्रेक के बाद प्रीति ने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने 2025 विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता और फिर स्पेन में बॉक्सम एलीट इंटरनेशनल टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कड़े मुकाबले के बीच एशियाई चैंपियनशिप का खिताब जीता।
एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक भी महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि इस साल के आखिर में एशियाई खेलों में भी कई वही प्रतिद्वंद्वी शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, ''यह एक अच्छा मुकाबला था और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए बहुत अच्छा था क्योंकि वहां भी मुझे वही प्रतिद्वंद्वी मिलेंगे। इसने मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम किया है। वहां मेरा प्रदर्शन एक अच्छा संकेत था। ''
हालिया सफलता के बावजूद प्रीति का मानना है कि सुधार की काफी गुंजाइश है क्योंकि वह 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं यह नहीं कहूंगी कि मैं अभी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हूं। लेकिन पिछले सत्र के अंत और इस नए सत्र की शुरुआत को देखते हुए, मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है। फिर भी कुछ चीजें हैं जिन पर मुझे काम करना है। मेरा लक्ष्य ओलंपिक है। मैं कोई भी मौका चूकना नहीं चाहती। ''
भाषा नमिता सुधीर
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