अमेरिका में निज्जर हत्याकांड में आरोपित किए जाने के बाद फिर सुर्खियों में लारेंस बिश्नोई
पवनेश
- 08 Jul 2026, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने का कथित तौर पर आदेश देने के मामले में अमेरिका द्वारा आरोपित किया गया लॉरेंस बिश्नोई लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहा है।
गुजरात में उच्च सुरक्षा वाली जेल में स्थानांतरित होने से पहले, बिश्नोई (33) को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत एक मामले के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी लाए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।
साल 2023 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दायर एक आरोप पत्र में, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आरोप लगाया कि बिश्नोई के गिरोह के कई राज्यों में लगभग 700 गुर्गे हैं और उन्होंने विदेशों में भी संबंध बनाए रखे हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की स्नातक डिग्री हासिल करने वाला बिश्नोई हत्या के प्रयास, हमले, लूट और रंगदारी के कई मामलों का सामना कर रहा है। वह विश्वविद्यालय परिसर की राजनीति के माध्यम से अपराध की दुनिया में आया।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में उसने अपने गिरोह का विस्तार सुपारी लेकर हत्या करने, हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी और रंगदारी वसूलने में किया। उसने एन्क्रिप्टेड और इंटरनेट-आधारित संचार के माध्यम से जेल से सहयोगियों को निर्देशित करना जारी रखा।
अमेरिका ने बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर कनाडा में निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया है, जिससे दिल्ली से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हो गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि बिश्नोई जेल में बंद रहने के बावजूद सक्रिय है।
अमेरिकी शहर लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को पेश आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने निज्जर (45) की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख 'एच एस एन' के रूप में किया गया है।
"ऑपरेशन हार्डबॉल" के तहत इन आरोपों की घोषणा की गई। यह अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई है, जिसके तहत भारत स्थित तीन संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
अभियोग में बराड़ का भी नाम है, जो अब भी फरार है।
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