असम की मतदाता सूचियों में 91,385 संदिग्ध मतदाता: हिमंत
संतोष
- 13 Jul 2026, 06:09 PM
- Updated: 06:09 PM
गुवाहाटी, 13 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि राज्य की मतदाता सूचियों में अभी 91,000 से अधिक 'डी-वोटर' (संदिग्ध मतदाता) हैं।
कांग्रेस विधायक नूरुल इस्लाम के एक सवाल का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि कुल 91,385 संदिग्ध मतदाताओं में से सर्वाधिक सोनितपुर में हैं और यह संख्या 13,719 है।
बारपेटा में 8,081 संदिग्ध मतदाता हैं, जबकि उदलगुड़ी और नागांव में भी मतदाता सूचियों में ऐसे मतदाताओं की संख्या 7,800 से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, विवादित या संदिग्ध नागरिकता प्रमाण-पत्र वाले मतदाताओं के नाम के आगे 'डी' अक्षर अंकित करने की प्रक्रिया राज्य में 1997 से लागू है।
'डी' मतदाता की अवधारणा 1997 में निर्वाचन आयोग द्वारा असम में शुरू की गई थी। आयोग ने उन लोगों की सूची तैयार की थी, जो अपनी भारतीय नागरिकता के पक्ष में पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके थे।
यह व्यवस्था देश में असम के अलावा कहीं और लागू नहीं है।
गृह और राजनीतिक विभाग के मंत्री तौर पर जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि 56,728 'डी' मतदाताओं को विदेशी (नागरिक संबंधी) अधिकरणों द्वारा विदेशी घोषित किया गया, जबकि उनमें से उच्च न्यायालय में अपील करने वाले 831 लोगों को अदालत ने भी विदेशी करार दिया।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 65,171 'डी' मतदाताओं को इन अधिकरणों ने भारतीय नागरिक घोषित किया, जबकि गुवाहाटी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने क्रमशः 42 और 3 'डी' मतदाताओं को देश का वैध नागरिक घोषित किया।
कांग्रेस के वाजिद अली चौधरी के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि वर्ष 1997 में जब पहली बार यह प्रक्रिया शुरू की गई थी, तब राज्य में 'डी' मतदाताओं की संख्या 1,99,596 थी।
उन्होंने बताया कि अब तक 'डी' मतदाताओं से जुड़े 2,44,144 मामले विदेशी (नागरिक संबंधी) अधिकरणों को भेजे गए हैं, जिनमें से 2,05,659 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है और 56,728 लोगों को विदेशी घोषित किया गया है।
संदिग्ध मतदाताओं से जुड़े मामलों के अलावा, सीमा पुलिस द्वारा अब तक 1,90,657 अन्य मामले भी इन अधिकरणों को भेजे गए हैं। इनमें से 1,55,490 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है और 1,15,945 लोगों को विदेशी नागरिक घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी घोषित किये गए इन लोगों में से 31,789 को निर्वासित किया जा चुका है।
भाषा सुभाष संतोष
संतोष
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