एसएमएस अस्पताल ने दो हजार से अधिक मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी कर बनाया नया कीर्तिमान
बाकोलिया रवि कांत
- 13 Jul 2026, 06:37 PM
- Updated: 06:37 PM
जयपुर, 13 जुलाई (भाषा) राजस्थान में जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने दो हजार से अधिक मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (एमआईसीएस) सफलतापूर्वक पूरी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चिकित्सकों का दावा है कि यह उपलब्धि हासिल करने वाला एसएमएस अस्पताल देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है।
सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2011-12 में शुरू की गई एमआईसीएस तकनीक के माध्यम से अब तक हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट, बायपास सर्जरी और जन्मजात हृदय रोगों के सफल ऑपरेशन किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक में छाती की हड्डी काटे बिना केवल दो से तीन इंच का छोटा चीरा लगाया जाता है, जबकि पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में सात से आठ इंच का चीरा लगाकर छाती की हड्डी काटनी पड़ती है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिलता है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि इस तकनीक में संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। मरीज दो से तीन दिन में चलने-फिरने लगता है और चार से पांच दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है, जबकि पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में सामान्यतः 10 से 12 दिन अस्पताल में रहना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश जटिल ऑपरेशन राज्य सरकार की कैशलेस योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किए गए हैं, जिससे मरीजों के लाखों रुपये की बचत हुई है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. सौरभ मित्तल और डॉ. वक्ता राम चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा कार्डियक एनेस्थीसिया टीम की डॉ. रिमी मीना, हृदय संचरण विशेषज्ञों तथा नर्सिंग स्टाफ ने भी ऑपरेशनों को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने अस्पताल में अत्याधुनिक वैस्कुलर इंस्टीट्यूट की स्थापना कराई है। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष 212 बिस्तरों वाला नया केंद्र, नया गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू), अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और हाइब्रिड कैथ लैब शुरू होने वाली है, जिससे हृदय शल्य चिकित्सा सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
मरीज रामकुमार ने बताया, ''मेरे दो हृदय वाल्व बदले जाने थे। निजी अस्पताल में इसके लिए आठ लाख रुपये का खर्च बताया गया था। यहां छोटे चीरे से मेरा निशुल्क ऑपरेशन हुआ और मैं छह दिन में घर लौट आया।''
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने इस उपलब्धि के लिए हृदय शल्य चिकित्सा विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. दीपक माहेश्वरी ने कहा, ''सीटीवीएस विभाग द्वारा दो हजार से अधिक एमआईसीएस सर्जरी पूरी करना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नयी उपलब्धि है।''
भाषा
बाकोलिया रवि कांत
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