छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक की हिडमा पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का हमला
खारी
- 14 Jul 2026, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के सुरक्षा बलों के साथ खड़े होने के बजाय नक्सलवाद के प्रति ''नरम रुख'' अपनाती है। भाजपा ने यह आरोप मारे गए नक्सली कमांडर माडवी हिडमा को लेकर छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव की कथित टिप्पणी के बाद लगाया।
सत्तारूढ़ दल ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार नक्सलियों का बचाव या उनका महिमामंडन करते रहे हैं।
भाजपा का यह हमला कांग्रेस विधायक श्रीवास्तव की उस कथित टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने यह पूछे जाने पर कि क्या हिडमा उनके आदर्श हैं, कथित तौर पर कहा, ''जो भी जल, जंगल, जमीन और बस्तर की संस्कृति की रक्षा के लिए लड़ेगा, वह मेरा आदर्श होगा।''
भाजपा ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी देश के सबसे वांछित माओवादी कमांडरों में से एक हिडमा का महिमामंडन है, जो पिछले वर्ष नक्सल रोधी अभियान में मारा गया था।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को ''नक्सल समर्थक पार्टी'' बताते हुए ''नक्सलवाद के लिए नरम समर्थन'' की आलोचना की। उन्होंने 'एक्स' पर जारी एक वीडियो में कहा, ''कांग्रेस के एक विधायक ने कहा है कि नक्सली हिडमा उनकी प्रेरणा है। याद कीजिए, राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें हिडमा के समर्थन में नारे भी लगाए गए थे।''
भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा उन लोगों के साथ खड़ी होती है ''जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करते हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''यह स्पष्ट है कि जब भी राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल आता है, कांग्रेस पार्टी उन लोगों के साथ खड़ी होती है जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस आज मुस्लिम लीग-माओवादी कांग्रेस पार्टी बन गई है।''
भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ''नक्सलवाद के प्रति नरम रुख अपनाने का लंबा इतिहास'' रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सलवा जुडूम आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने ''सलवा जुडूम से किनारा करके छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व को विफल किया।'' उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलवाद के प्रति कांग्रेस के रवैये के कारण दशकों तक उग्रवाद जारी रहा।
उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''कांग्रेस पार्टी का नक्सलवाद के प्रति हमेशा नरम रवैया रहा है। लगभग पांच दशकों तक नक्सलवाद के बिना रोकटोक जारी रहने का एक कारण नक्सलियों के प्रति कांग्रेस का समझौतापूर्ण रवैया था।''
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने बार-बार ''राष्ट्रीय हित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति'' को रखा है।
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ''इमरान मसूद द्वारा ताहिर हुसैन का समर्थन करने के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस के विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा है कि 2010 में सीआरपीएफ के 75 जवानों की हत्या में शामिल सबसे खूंखार नक्सली हिडमा उनका आदर्श है।''
उन्होंने दावा किया, ''इससे पहले भी कांग्रेस ने नक्सलियों को 'शहीद' कहा और शांति वार्ता की वकालत की। सोनिया गांधी की राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) और अन्य संस्थाओं ने अर्बन नक्सलियों को संरक्षण दिया। एक बार फिर कांग्रेस ने राष्ट्रीय हित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति को रखा है।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ''नक्सलियों'' के प्रति नरम रुख है और वह कभी उनके पीड़ितों के साथ खड़ी नहीं होती। उन्होंने कहा, ''चाहे दंगाई हों, आतंकवादी हों या नक्सली, कांग्रेस पार्टी का हमेशा उनके प्रति नरम रुख रहता है। वह राष्ट्रीय हित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति को रखती है। वह अफजल गुरु, उमर खालिद, शरजील इमाम, नक्सलियों और ताहिर हुसैन जैसे लोगों का समर्थन करती है, लेकिन उनके पीड़ितों के लिए कभी आंसू नहीं बहाती।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''यही कांग्रेस पार्टी का असली चरित्र है। कांग्रेस अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नहीं रह गई है, बल्कि 'इंडियन नक्सल कांग्रेस' बन गई है।''
भाषा अमित खारी
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