मेघालय : आईएलपी समर्थक कार्यकर्ता प्रवासी कामगारों के दस्तावेज जांच करने के आरोप में गिरफ्तार
धीरज माधव
- 11 Jul 2024, 04:39 PM
- Updated: 04:39 PM
शिलांग, 11 जुलाई (भाषा) मेघालय में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) समर्थक एक कार्यकर्ता को अनधिकृत रूप से प्रवासी कामगारों के दस्तावेजों की जांच करने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही मेघालय के गृह विभाग ने दो जिलों में प्रवासी कामगारों के आवश्यक दस्तावेज जांच करने के आरोप में आईएलपी समर्थक कार्यकर्ताओं के खिलाफ चार मामले दर्ज किए थे।
अधिकारियों ने बताया कि आईएलपी समर्थक कार्यकर्ता को बृहस्पतिवार को शिलांग स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। एक दिन पहले ही राज्य की राजधानी में आईएलपी समर्थक कार्यकर्ताओं के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा-126 (2) (अवैध तरीके से रोकना) और धारा-351 (आपराधिक धमकी) के तहत री भोई जिले में एक और पूर्वी खासी पर्वतीय जिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई। शिलांग शहर पूर्वी खासी पर्वतीय जिले के अंतर्गत आता है।
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने आईएलपी समर्थक कार्यकर्ताओं के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की हैं जो पूरे राज्य में प्रवासी कामगारों के पंजीकरण की जांच कर रहे थे।’’
राज्य सरकार ने अंतरराज्यीय कामगार अधिनियम 1979 और मेघालय प्रवासी कामगारों की पहचान, पंजीकरण (सुरक्षा एवं संरक्षा) नियमावली-2020 के तहत प्रवासी कामगारों का श्रम विभाग में पंजीकरण अनिवार्य बना दिया है।
मुख्यमंत्री कॉनराड के.संगमा ने कहा कि सभी प्रवासी कामगारों के लिए पंजीकरण आवश्यक है लेकिन किसी व्यक्ति या संगठन को ऐसे कामगारों के दस्तावेजों की जांच करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी व्यक्ति या संगठन को प्रवासी कामगारों के दस्तावेजों की जांच के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। अगर वे ऐसा करते हैं तो वे कानून की गलत दिशा (विरूद्ध काम करना) में हैं और पुलिस कार्रवाई कर रही है।’’
खासी स्टुडेंट्स यूनियन उन कई संगठनों में से एक है जो पहाड़ी राज्य में इनर लाइन परमिट व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है।
आईएलपी विशेष परमिट है जो देश के अन्य हिस्सों के लोगों को अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर के कुछ अधिसूचित इलाके में प्रवेश के लिए लेना पड़ता है।
मेघालय की विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य में आईएलपी लागू करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित किया था और यह मामला अभी केंद्र के समक्ष विचाराधीन है।
भाषा धीरज