नारेडको का गृह ऋण के ब्याज पर कर छूट सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का सुझाव
निहारिका रमण
- 16 Jul 2024, 05:56 PM
- Updated: 05:56 PM
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों का शीर्ष निकाय नारेडको ने आगामी बजट में आवास ऋण पर ब्याज भुगतान के लिए कटौती की सीमा को वर्तमान दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने का सुझाव दिया है। उसने कहा कि इससे आवासीय कीमतों तथा ब्याज दर में वृद्धि के बीच मकानों की मांग को बढ़ावा मिलेगा।
रियल एस्टेट कंपनियां किफायती मकानों की मांग और आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए कुछ कर प्रोत्साहन की भी मांग कर रहे हैं।
नारेडको ने एक बयान में कहा कि आयकर कानून की धारा 24 के तहत खुद के रहने वाली संपत्ति के लिए कर्ज पर ब्याज कटौती की सीमा दो लाख रुपये तक है।
बयान के अनुसार संपत्ति की बढ़ती कीमतों और ब्याज दर को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाकर कम-से-कम पांच लाख रुपये करने की जरूरत है।
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारडेको) के अध्यक्ष जी. हरि बाबू ने कहा कि यदि इन सिफारिशों को लागू किया गया तो इससे न केवल क्षेत्र की कंपनियों को जरूरी राहत मिलेगी बल्कि आवास क्षेत्र में मांग भी बढ़ेगी।
हाउसिंग डॉट कॉम और प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (समूह) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि महानगरों तथा मझोले शहरों में पिछले तीन साल में किफायती मकानों की मांग और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव का रुझान देखा गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए आगामी बजट में 15-75 लाख रुपये प्रति इकाई कीमत वाले मकानों की मांग और आपूर्ति दोनों को पटरी पर लाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। ब्याज सब्सिडी कार्यक्रम शुरू करने से संभावित मकान खरीदारों को प्रभावी रूप से प्रोत्साहित किया जा सकता है।’’
एमआरजी समूह के प्रबंध निदेशक रजत गोयल ने कहा, ‘‘ रियल एस्टेट देश में दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ऐसे में क्षेत्र की वृद्धि को गति देने के लिए आगामी बजट में रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का ‘दर्जा’ दिये जाने की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली देने से भी क्षेत्र को गति मिलेगी...।’’
एस्कॉन इंफ्रा रियलटर्स के प्रबंध निदेशक नीरज शर्मा ने भी कहा, ‘‘ उद्योग का दर्जा और एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली की लंबित मांग पर गौर करने से कंपनियों को कम ब्याज पर ऋण प्राप्त करने और कर प्रोत्साहन से लाभ उठाने में मदद मिलेगी।’’
भाषा निहारिका