आजाद ने लोकसभा चुनाव के एक महीने बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया
आशीष देवेंद्र
- 17 Mar 2024, 05:58 PM
- Updated: 05:58 PM
जम्मू, 17 मार्च (भाषा) डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने रविवार को निर्वाचन आयोग से लोकसभा चुनाव संपन्न होने के एक महीने बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया।
केंद्र शासित प्रदेश में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में 19 अप्रैल (उधमपुर), 26 अप्रैल (जम्मू), 7 मई (अनंतनाग-राजौरी), 13 मई (श्रीनगर) और 20 मई (बारामूला) को होंगे। मतगणना चार जून को होगी।
आजाद ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह सुरक्षा कारणों से लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव नहीं करा रहा है।’’
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह सच है कि अगर प्रत्येक संसदीय सीट से 10 उम्मीदवार लड़ते हैं, तो पांच सीट के हिसाब से उम्मीदवारों की संख्या 50 होगी। इसी तरह, 90 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में 15 उम्मीदवार हों, तो उम्मीदवारों की संख्या करीब 1,500 होगी। 50 उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करना मुश्किल है।’’
हालांकि, उन्होंने निर्वाचन आयोग और केंद्र से संसदीय चुनाव पूरा होने के एक महीने बाद विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया। आजाद ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव पूरा होने के एक महीने के बाद विधानसभा चुनाव होना चाहिए।’’
‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ अवधारणा की व्यवहार्यता पर गौर करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति के सदस्य आजाद ने कहा कि रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी गई है और अब सरकार और निर्वाचन आयोग को सिफारिशों पर फैसला लेना है।
लोकसभा चुनाव सात चरणों में कराने के संबंध में विपक्ष की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भी चुनाव सात या आठ चरणों में होते थे।
उन्होंने कहा कि डीपीएपी ने उधमपुर लोकसभा सीट से एक उम्मीदवार की घोषणा की है और अन्य सीटों के संबंध में निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा। आजाद ने कहा, ‘‘हमने एक उम्मीदवार की घोषणा कर दी है और देखेंगे कि हम और कहां उम्मीदवार उतारेंगे।’’
इससे पहले, एक जनसभा को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा कि जम्मू को सांबा तक सुरक्षित रखने के लिए एक कानून की जरूरत है।
आजाद ने जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार बनाने के लिए लोगों का समर्थन मांगते हुए कहा कि वह विकास सुनिश्चित करने के अलावा बिजली और पानी की कमी के कारण लोगों को होने वाली समस्याओं को कम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
भाषा आशीष