भाजपा नेता आंदोलन शुरू करना जानते हैं लेकिन मत पाने की कुंजी खो दी है : दिलीप घोष
धीरज प्रशांत
- 22 Jul 2024, 10:32 PM
- Updated: 10:32 PM
कोलकाता, 22 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व पर ताजा हमला करते हुए पूर्व सांसद दिलीप घोष ने दावा किया कि पार्टी आंदोलन शुरू करना तो जानती है लेकिन चुनाव कराने और अपने उम्मीदवारों के लिए वोट लाने की कुंजी खो चुकी है।
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष घोष ने कहा कि अगर नेतृत्व उनकी राय सुनना चाहता है तो वह उसे उनके साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।
घोष ने कहा, ‘‘भाजपा नेतृत्व निश्चित रूप से जानता है कि संगठन कैसे खड़ा किया जाए; वे जानते हैं कि आंदोलन कैसे शुरू किया जाए। लेकिन हम चुनाव प्रचार के बारे में नहीं जानते, हम नहीं जानते कि पार्टी के लिए वोट कैसे प्राप्त करें। ऐसा लगता है कि हमने सीट जीतने के लिए आवश्यक अधिक वोट पाने का सूत्र, कुंजी खो दी है।’’
घोष की यह टिप्पणी इस साल राज्य में लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद आई है। भाजपा ने कुल 42 सीट में से 12 पर जीत दर्ज की जबकि 2019 के चुनाव में पार्टी ने 18 सीट पर विजयी रही थी। घोष ने इस बार नयी सीट से किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बैठक में कहा, ‘‘हमने 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीट पर जीत दर्ज की जबकि 100 का आंकड़ा पार करने का लक्ष्य रखा था। हमारी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं।’’
पिछली लोकसभा में मिदनापुर का प्रतिनिधित्व करने वाले घोष ने कहा,‘‘पार्टी मंच पर पूछे जाने पर मैं अपने विचार व्यक्त करता हूं। मेरे सुझावों पर कार्रवाई करना नेतृत्व पर निर्भर है।’’
घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह कभी भी जमीनी स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं से कटे नहीं, जो चुनाव के दौरान और उसके बाद अपने क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के कथित आतंक का सामना कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे घोष को 2014 में भाजपा नेतृत्व ने महासचिव नियुक्त किया था। उन्हें 2015 में पश्चिम बंगाल इकाई का अध्यक्ष बनाया गया और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें दुर्गापुर-बर्धमान सीट पर तृणमूल उम्मीदवार कीर्ति आजाद को बड़े अंतर से मात मिली।
तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि घोष का बयान राज्य भाजपा के बीच बढ़ती निराशा की अभिव्यक्ति हैं क्योंकि लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में सीट पाने की उनकी उम्मीद खत्म हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘दिलीप घोष भाजपा की चुनाव मशीनरी पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई अन्य बहाना नहीं है। वे इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि भाजपा बंगाल के लोगों के लिए महत्वहीन है।’’
भाषा धीरज