सेनेगल राष्ट्रीय उद्यान को खतरे वाली विश्व धरोहर सूची से हटाने का निर्णय: यूनेस्को
अमित प्रशांत
- 24 Jul 2024, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) सेनेगल स्थित नियोकोलो-कोबा राष्ट्रीय उद्यान को खतरे वाली विश्व धरोहर सूची से हटा दिया गया है। यह जानकारी बुधवार को यहां यूनेस्को ने दी।
यह निर्णय नयी दिल्ली में जारी विश्व धरोहर समिति (डब्ल्यूएचसी) की 46वीं बैठक के दौरान लिया गया।
यूनेस्को ने एक बयान में कहा, "अपनी अनूठी जैव विविधता और असाधारण पारिस्थितिकी प्रणालियों के लिए 1981 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल नियोकोलो-कोबा राष्ट्रीय उद्यान को हाल के वर्षों में कई खतरों का सामना करना पड़ा है। वन्यजीवों की कमी, अवैध शिकार, बेसाल्ट खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों ने इसके उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य को खतरे में डाल दिया है, जिसके कारण 2007 में इसे खतरे वाली विश्व धरोहरों की सूची में शामिल किया गया था।"
बयान में कहा गया है कि इस निर्णय से सेनेगल को यूनेस्को और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समर्थन से एक "महत्वाकांक्षी कार्य योजना" विकसित करने और उसे लागू करने में मदद मिली, जिसके परिणामस्वरूप "पिछले सात वर्षों में परिसंपत्ति के संरक्षण की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।"
यूनेस्को ने कहा कि प्रजातियों की निगरानी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है और अवैध शिकार तथा अवैध सोने की खोज से निपटने के लिए निगरानी के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित किए गए हैं, साथ ही पशुधन के स्थानांतरण को बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया गया है।
उसने कहा कि एक खान प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली भी स्थापित की गई है और पानी और मिट्टी विश्लेषण उपकरण भी स्थापित किए गए हैं।
यूनेस्को की वेबसाइट के अनुसार गाम्बिया नदी के किनारे स्थित नियोकोलो-कोबा राष्ट्रीय उद्यान के वन और सवाना में काफी जीव पाये जाते हैं, जिनमें डर्बी एलैंड, चिम्पांजी, शेर, तेंदुए और हाथी शामिल हैं। इसमें कई पक्षी, सरीसृप और उभयचर हैं।
यूनेस्को महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने खतरे में पड़ी विश्व धरोहर की सूची से इस स्थल का नाम हटाए जाने को "उत्कृष्ट समाचार" करार देते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि "अफ्रीका की विरासत की रक्षा के लिए हमारे सामूहिक प्रयास रंग ला रहे हैं।’’
यूनेस्को की वेबसाइट के अनुसार, 55 परिसंपत्तियां हैं जिन्हें विश्व धरोहर सम्मेलन के अनुच्छेद 11 (4) के अनुसार विश्व धरोहर समिति ने खतरे वाली विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है।
इक्कीस जुलाई को नयी दिल्ली में डब्लयूएचसी का सत्र शुरू होने से पहले सूची में शामिल धरोहरों की संख्या 56 थी।
भाषा अमित