स्कूलों में कमियों की रिपोर्ट मिली, अदालत ने एमसीडी के शिक्षा निदेशक को दिए स्कूलों का दौरा करने के निर्देश
शोभना प्रशांत
- 26 Jul 2024, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के शिक्षा निदेशक को नगर निगम द्वारा संचालित पांच स्कूलों का दौरा करने और उनकी स्थिति सुधारने के लिए उठाए जाने वाले सुधारात्मक कदमों के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश तब पारित किया जब उसके समक्ष प्रस्तुत एक रिपोर्ट में वहां की कई कमियों को उजागर किया गया, जिनमें टूटी हुई मेज और कुर्सियां, शिक्षकों की कमी और कक्षाओं में पानी भर जाना शामिल है।
पीठ में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला भी शामिल थे। पीठ ने प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों को 15 अगस्त तक उनकी वर्दी मिल जाए तथा स्कूलों में कुर्सियां और मेज उपलब्ध करा दी जाएं।
याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सोशल ज्यूरिस्ट’ की ओर से पेश हुए वकील अशोक अग्रवाल ने मंगोलपुरी, कोंडली, कल्याणपुरी, कड़कड़डूमा और खजूरी चौक में एमसीडी के प्राथमिक स्कूलों के अपने दौरे के संबंध में अदालत में एक रिपोर्ट पेश की और कहा कि वहां व्यवस्थाएं बेहद खराब हैं।
उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि टूटे हुए फर्नीचर के अलावा, एक स्कूल में कक्षाओं में टीन की छत है और एमसीडी के 17 स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कक्षाओं से भी कम है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि एमसीडी की स्थायी समिति का गठन न होने के कारण फर्नीचर की खरीद के लिए धन आवंटित नहीं किया जा रहा है और एमसीडी स्कूलों में 1.37 लाख से अधिक छात्रों को अभी तक वर्दी नहीं मिली है।
इस पर अदालत ने एमसीडी के वकील से सवाल पूछे और बच्चों को सामान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के निर्देश दिए।
अदालत ने कहा, ‘‘एमसीडी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि 1.37 लाख छात्रों को वर्दी उपलब्ध कराई जाए या उनके खाते में नकदी हस्तांतरित की जाए।’’
अदालत ने ,‘‘यह अदालत एमसीडी के शिक्षा निदेशक को निर्देश देती है कि वह पांचों स्कूलों का दौरा करें और सुधारात्मक कदमों के बारे में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें। शिक्षा निदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि छात्रों को जल्द से जल्द मेज और कुर्सियां उपलब्ध कराई जाएं।’’
मामले में अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी।
भाषा शोभना