भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग के गठन संबंधी मसौदा प्रस्ताव पर बंगाल विधानसभा में चर्चा हुई
देवेंद्र नेत्रपाल
- 26 Jul 2024, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
कोलकाता, 26 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों ने शुक्रवार को उस मसौदा प्रस्ताव पर चर्चा की, जिसमें राज्य के उत्तरी भाग में तराई-दुआर्स क्षेत्र में बार-बार आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग के गठन का प्रस्ताव है।
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सोवनदेव चट्टोपाध्याय ने केंद्र से अनुरोध करने का प्रस्ताव पेश किया कि वह भूटान के साथ मिलकर इस तरह के संयुक्त नदी आयोग के गठन के लिए बातचीत करे। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो इसे विचार के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
चर्चा में भाग लेते हुए जल संसाधन अन्वेषण एवं विकास मंत्री मानस भुनिया ने कहा कि भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग का गठन शीघ्र किया जाना चाहिए तथा उन्होंने विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से पश्चिम बंगाल के हितों की रक्षा के लिए राजनीतिक मतभेदों को भुलाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ विधायक भुनिया ने कहा कि यदि भारत-बांग्लादेश संयुक्त नदी आयोग और भारत-नेपाल संयुक्त नदी आयोग हो सकते हैं, तो भूटान के साथ संयुक्त नदी आयोग क्यों नहीं होना चाहिए, जिसके साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर बंगाल से होकर गुजरने वाली ज्यादातर नदियां भूटान से निकलती हैं। हर साल उत्तर बंगाल को प्रकृति के प्रकोप का सामना करना पड़ता है, क्योंकि पहाड़ों में भारी बारिश के बाद उफनती नदियों से निचले इलाकों में बाढ़ आ जाती है, जिससे काफी नुकसान होता है।’’
भुनिया ने कहा, ‘‘हम उत्तर बंगाल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, हमें आपके समर्थन की जरूरत है।’’
भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने कहा कि भारत-भूटान नदी आयोग के गठन का प्रस्ताव पारित करना संघवाद की भावना के खिलाफ है, क्योंकि ऐसे आयोग में दो देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और पश्चिम बंगाल भारत संघ का एक राज्य है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब सिक्किम जैसा पड़ोसी राज्य इसमें शामिल है, तो पश्चिम बंगाल विधानसभा अपने स्तर पर प्रस्ताव कैसे तैयार कर सकती है? क्या सिक्किम से सलाह ली गई है? भारत-भूटान नदी आयोग के बारे में कोई भी प्रस्ताव राज्य विधानसभा द्वारा नहीं रखा जा सकता क्योंकि यह द्विपक्षीय मुद्दा है। विधानसभा अपनी सीमाओं का उल्लंघन कर रही है।’’
इस मामले पर मतदान से पहले सोमवार को विधानसभा में फिर चर्चा की जाएगी।
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