वायनाड में तलाश और बचाव अभियान अंतिम चरण में, 206 लोग अब भी लापता: पिनराई विजयन
देवेंद्र संतोष
- 03 Aug 2024, 05:32 PM
- Updated: 05:32 PM
तिरुवनंतपुरम, तीन अगस्त (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को कहा कि आपदा प्रभावित वायनाड में तलाश और बचाव अभियान अपने अंतिम चरण में है, लेकिन 206 लोग अब भी लापता हैं।
विजयन ने यहां पत्रकारों से कहा कि चलियार नदी से बरामद शवों और मानव अंगों की पहचान करने में समस्या है।
उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 215 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 87 महिलाएं, 98 पुरुष और 30 बच्चे शामिल हैं। अब तक 148 शव सौंपे जा चुके हैं और 206 लोग लापता हैं। विभिन्न अस्पतालों में 81 लोगों का इलाज जारी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 67 शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है और पंचायतें उनका अंतिम संस्कार करेंगी।
विजयन ने बताया कि एक सुरक्षित क्षेत्र की पहचान की जाएगी और वहां एक टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान जारी है, जिसमें अग्निशमन बल, एनडीआरएफ, वन विभाग, पुलिस, भारतीय सेना और तमिलनाडु के स्वयंसेवियों के 1,419 कर्मी शामिल हैं।
पुनर्वास प्रयासों का उल्लेख करते हुए विजयन ने कहा कि एक सुरक्षित क्षेत्र की पहचान की जाएगी और वहां एक टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री क्षेत्र में नष्ट हुए स्कूलों का दौरा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।
विजयन ने कहा कि चूरलमाला में 866 पुलिस अधिकारी तलाशी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वयंसेवियों के साथ मिलकर अग्निशमन और बचाव दलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ‘जिप लाइन पुल’ और एक अस्थायी पुल का इस्तेमाल करके लगभग 1,000 लोगों को बचाया है।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वैश्विक समुदाय ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में योगदान के लिए की गई अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि सीएमडीआरएफ को दान विभिन्न तरीकों से ऑनलाइन दिया जा सकता है, जिसकी रसीदें डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि दुरुपयोग को रोकने के लिए यूपीआई लेनदेन के लिए क्यूआर कोड प्रणाली को वापस ले लिया गया है।
राज्य सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया के तहत भूमि उपलब्ध कराने और मकान बनाने के लिए वैश्विक समुदाय की ओर से प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों के समन्वय के लिए ‘वायनाड के लिए सहायता प्रकोष्ठ’ का गठन किया है।
विजयन ने कहा कि वायनाड आपदा के मूल कारणों को समझने विस्तृत जांच की जाएगी और प्राकृतिक आपदाओं के लिए उन्नत पूर्वानुमान उपकरण विकसित किये जाएंगे।
भाषा
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