पंजाब के मुख्यमंत्री मान को पेरिस जाने की राजनीतिक मंजूरी नहीं मिली: सूत्र
देवेंद्र संतोष
- 03 Aug 2024, 07:55 PM
- Updated: 07:55 PM
चंडीगढ़, तीन अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम का समर्थन करने के लिए पेरिस जाने की राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया। एक आधिकारिक सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इस बीच, पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने कहा कि उन्हें भी चार से सात अगस्त तक होने वाले विधायी निकायों के अध्यक्षों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका जाने की राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई है।
राजनयिक पासपोर्ट रखने वाले मान को चार अगस्त को भारतीय हॉकी टीम के क्वार्टर फाइनल मैच के वास्ते तीन से नौ अगस्त तक के लिए पेरिस जाना था,और उन्होंने अपनी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी मांगी थी।
राज्य सरकार के सूत्र ने बताया कि केंद्र ने उन्हें यह कहते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया कि चूंकि मान को ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए कम समय में उनके लिए सुरक्षा का प्रबंध करना संभव नहीं है।
सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को शुक्रवार शाम को इस फैसले की जानकारी दी गई।
राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को विदेश यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेनी होती है।
संधवान ने कहा कि उन्हें सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के केंटकी जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल के विधानसभा अध्यक्षों को भी विदेश यात्रा की मंजूरी नहीं दी गई है, लेकिन मेघालय के विधानसभा अध्यक्ष को मंजूरी दे दी गई है।
मान ने शनिवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह से बात की और मौजूदा ओलंपिक खेलों में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत के लिए टीम को बधाई दी।
आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के महासचिव हरचंद सिंह बरसट ने भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा मान को फ्रांस जाने की अनुमति नहीं देने की निंदा की।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मान को पेरिस जाने की अनुमति न देकर केंद्र सरकार ने न केवल पंजाब के तीन करोड़ लोगों का अपमान किया है, बल्कि उनकी भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है, क्योंकि भारतीय हॉकी टीम के अधिकांश खिलाड़ी पंजाब से हैं। यह संवैधानिक रूप से निर्वाचित व्यक्ति के मौलिक अधिकारों पर रोक लगाने के बराबर है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि हॉकी टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए मान को पेरिस जाने की अनुमति न देना पंजाब के खिलाफ भेदभाव का एक और उदाहरण है।
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