महिलाओं, बच्चों के पोषण, सुरक्षा से संबंधित योजनाओं पर ध्यान दें राज्य: केंद्र
जितेंद्र दिलीप
- 11 Aug 2024, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा और उनके पोषण से संबंधित मंत्रालय के तीन अभियानों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
देवी ने शनिवार को विभिन्न राज्यों के महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभागों के मंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों व उपराज्यपालों के साथ बैठक के दौरान यह अपील की।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सभी प्रमुख योजनाओं को मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के तहत वर्गीकृत किया गया है।
अन्नपूर्णा देवी ने बैठक के दौरान मंत्रालय की योजनाओं को बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों और रणनीतिक योजना के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्यों को तीनों कार्यक्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। देवी ने इन मामलों पर राज्यों से नियमित रिपोर्ट मांगी।
मंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे प्रयासों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे। राज्यों के साथ मिलकर काम करना जरूरी है, जिससे न केवल अलग-अलग राज्यों के विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हमारे देश की समग्र प्रगति को भी गति मिलेगी। यह प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।”
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में वर्तमान परियोजनाओं, विकासात्मक उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। बयान के अनुसार, इनका उद्देश्य देश भर में महिलाओं और बच्चों की बेहतर प्रगति सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘आंगनवाड़ियों’ को ‘सक्षम आंगनवाड़ियों’ में उन्नत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को आंगनवाड़ी सह क्रेच और कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में छात्रावास ‘सखी निवास’ स्थापित करने चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने पोषण से जुड़े व्यवहारिक तौर-तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सितंबर में ‘पोषण माह’ के सातवें संस्करण में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भागीदारी दिखाने का भी आग्रह किया।
भाषा जितेंद्र