दिल्ली : उपराज्यपाल, परिवहन मंत्री ने इलेक्ट्रिक बस के बहुमंजिली डिपो की आधारशिला रखी
रवि कांत रवि कांत माधव
- 13 Aug 2024, 06:37 PM
- Updated: 06:37 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 13 अगस्त (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में इलेक्ट्रिक बस के बहुमंजिली डिपो की आधारशिला रखी।
अधिकारियों का दावा है कि यह भारत का सबसे बड़ा बस डिपो होगा। उन्होंने बताया कि यह डिपो 7.6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बनेगा और इसकी अनुमानित लागत 409 करोड़ रुपये होगी।
गहलोत ने आधारशिला रखने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह बस डिपो भारत की सबसे बड़ी और पहली इलेक्ट्रिक बस-पार्किंग सुविधा होगी। इसे भविष्य में मील के पत्थर के रूप में देखा जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि इस बस डिपो में 220 कारों और 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए भी समर्पित स्थान होगा।
इस इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) द्वारा किया जाएगा और इसके अगले दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।
गहलोत ने कहा, ‘‘इसमें 434 बस खड़ी की जा सकेंगी और इसमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, छत पर सोलर पैनल और मरम्मत कार्य के लिए 16 पिट होंगे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह बस डिपो शून्य-निर्वहन सुविधा वाला होगा, जिसका अर्थ है कि इसमें कोई अपशिष्ट उत्पन्न नहीं होगा क्योंकि पार्किंग में एक जल उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा जो अपशिष्ट जल को शोधित करने में मदद करेगा जिसका उपयोग बसों की सफाई के लिए किया जा सकता है।’’
परिवहन मंत्री ने कहा कि बस डिपो की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए छत पर 112 मेगावाट क्षमता के सौर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल और कुशल बन जाएगी।
गहलोत ने कहा कि परिवहन विभाग भविष्य में दिल्ली के हरिनगर और शादीपुर क्षेत्रों में भी इसी तरह की परियोजनाएं बनाने की योजना बना रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) निजी बिक्री के लिए हरिनगर और शादीपुर में आवासीय कॉलोनियों का निर्माण करने की भी योजना बना रहा है, जिससे 800 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त होगा।
उपराज्यपाल सक्सेना ने इस पहल की सराहना की और परिवहन मंत्री को बधाई भी दी।
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘यह एक बेहतरीन पहल है। दिल्ली हमारी राष्ट्रीय राजधानी है, इसलिए यहां सब कुछ बेहतरीन होना चाहिए। मैं इस पहल के लिए कैलाश गहलोत को बधाई देना चाहता हूं। ’’
सक्सेना समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि गहलोत विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थे।
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