चिकित्सक दुष्कर्म-हत्या मामला : तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय धरना देंगे
नोमान रंजन
- 14 Aug 2024, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
कोलकाता, 14 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म एवं हत्या की घटना की बुधवार को निंदा की।
रॉय ने कहा कि वह घटना के विरोध में महिलाओं की ओर से बुधवार मध्यरात्रि को किए जाने वाले प्रदर्शन में एकजुटता दिखाने के लिए धरना देंगे। घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल के पूर्वी शहरों और जिलों में महिलाएं आधी रात को सड़कों पर उतरेंगी।
रॉय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आज मैं शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक धरने पर बैठूंगा, ताकि घटना को लेकर अपना विरोध दर्ज करा सकूं और उन महिलाओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित कर सकूं, जो आज रात सड़कों पर उतरेंगी। अपनी उम्र के कारण मैं आधी रात को प्रदर्शन में उनके साथ शामिल नहीं हो पाऊंगा, लेकिन मैं उनके प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करता हूं।’’
बीती रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में टीएमसी सांसद ने कहा था कि वह प्रदर्शन में शामिल होंगे, क्योंकि उनकी खुद की भी एक बेटी और एक पोती है।
रॉय ने लिखा था, ‘‘कल मैं प्रदर्शन में शामिल होऊंगा, क्योंकि लाखों बंगाली परिवारों की तरह मेरी भी एक बेटी और छोटी पोती है। हमें इस घटना के खिलाफ साथ खड़े होना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ क्रूरता बहुत हो चुकी। आइए हम सब मिलकर इसका विरोध करें। चाहे कुछ भी हो जाए।’’
बाद में एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने पोस्ट किया कि रॉय को पार्टी से निकाला जा सकता है। जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘कृपया मेरे भविष्य के बारे में चिंता न करें। मेरी रगों में एक स्वतंत्रता सेनानी का खून बहता है। मुझे कोई चिंता नहीं है।’’
हालांकि, टीएमसी के एक अन्य वरिष्ठ नेता कुणाल घोष का विचार अलग था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी विरोध कर रहे हैं। लेकिन वामपंथी-भाजपा कार्यकर्ताओं की आड़ में कुछ लोग एक जघन्य घटना पर गंदी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी ने आर जी कर की घटना की निंदा की है, लेकिन हम इस पर राजनीति करने वाली कुछ पार्टियों के खिलाफ हैं।”
तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए शून्य सहिष्णुता। अपराधियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी और हमेशा।”
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मामले की जांच कोलकाता पुलिस से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया था। जूनियर चिकित्सकों के व्यापक आंदोलन के कारण राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।
भाषा
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