आरक्षण विरोधी है भाजपा सरकार : अजय राय
जफर पारुल नेत्रपाल
- 17 Aug 2024, 03:57 PM
- Updated: 03:57 PM
लखनऊ, 17 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने 69 हजार शिक्षकों की भर्ती से संबंधित मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण विरोधी है।
पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, राय ने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय की एकल और खंडपीठ ने सरकार के आरक्षण विरोधी चेहरे को बेनकाब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि सरकार के वे मंत्री जो आज अदालत के फैसले को सही बता रहे हैं, वे भी अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय पर चुप थे।
राय ने कहा कि पीड़ित अभ्यर्थियों ने सभी के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगाई थी और न्याय मांगने पर उन्हें लाठियों से पीटा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जब अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास से लेकर इको गार्डन तक न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर उनका दमन किया जा रहा था तब केशव प्रसाद मौर्य जैसे मंत्री भी चुप थे, जो आज अपनी राजनीति बचाने के लिए उनके (अभ्यर्थियों) शुभेच्छु बन रहे हैं।’’
राय ने कहा कि भाजपा के सहयोगी दल सुभाषपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी उस समय अभ्यर्थियों के खिलाफ बोल रहे थे।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘भाजपा और उसके सहयोगी दलों का आरक्षण के मामले पर यही चाल, चरित्र और चेहरा है।’’
राय ने कहा कि योगी सरकार उच्च न्यायालय द्वारा सुझाए गए एवं आरक्षण के सभी नियमों का पालन करते हुए नयी सूची जारी करे तथा पिछले पांच साल से इन अभ्यर्थियों के दमन और न्याय की आवाज दबाने की कोशिश के लिए उनसे माफी मांगे।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (एटीआरई) के तहत राज्य में 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जून 2020 में जारी चयन सूची व 6,800 अभ्यर्थियों की पांच जनवरी 2022 की चयन सूची को दरकिनार कर नए सिरे से चयन सूची बनाने के आदेश दिए हैं।
एकल पीठ ने 69 हजार अभ्यर्थियों की चयन सूची पर पुनर्विचार करने के ही 6,800 अभ्यर्थियों की पांच जनवरी 2022 की चयन सूची को खारिज कर दिया था।
न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने महेंद्रपाल व अन्य द्वारा एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल की गईं 90 विशेष अपील को एक साथ निस्तारित करते हुए संबंधित फैसला सुनाया।
भाषा जफर पारुल