कोलकाता बलात्कार-हत्या मामले में फैसला आने तक हड़ताल वापस नहीं लेंगे गोवा के चिकित्सक
देवेंद्र नेत्रपाल
- 18 Aug 2024, 05:41 PM
- Updated: 05:41 PM
पणजी, 18 अगस्त (भाषा) सरकारी गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं रविवार को लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित रहीं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने कोलकाता बलात्कार-हत्या मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने तक शुक्रवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस नहीं लेने का संकल्प लिया है।
इससे पहले, ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) की गोवा इकाई के अध्यक्ष संदेश चूडांकर ने कहा था कि निजी चिकित्सकों ने 24 घंटे की हड़ताल कर रखी थी और सुबह छह बजे उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
‘गोवा एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स’ (जीएआरडी) के तत्वावधान में वरिष्ठ और कनिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित रहीं।
डॉक्टरों ने नौ अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित रूप से बलात्कार और हत्या की घटना के खिलाफ बम्बोलिम में जीएमसीएच कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शन किया।
जीएआरडी ने रविवार को कहा कि जब तक कलकत्ता उच्च न्यायालय बलात्कार और हत्या मामले में अपना फैसला नहीं सुना देता, हड़ताल जारी रहेगी।
डॉक्टरों ने दावा किया कि जीएमसीएच में आपातकालीन सेवाएं निर्बाध जारी रहेंगी।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को कहा कि सरकार जीएमसीएच में महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर रही है, जिसमें चिकित्सकों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कैमरे लगाना और कानूनों में संशोधन करना शामिल है।
राणे ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘मैं पश्चिम बंगाल में हाल में एक निर्दोष चिकित्सक के खिलाफ हुए जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करता हूं। मेरी हार्दिक संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। यह त्रासदी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है।’’
उन्होंने कोलकाता की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले, आईएमए से जुड़े चिकित्सकों द्वारा आहूत हड़ताल आज सुबह छह बजे समाप्त हो गई। शनिवार को पणजी में आयोजित शांति मार्च में कई चिकित्सकों ने हिस्सा लिया था।
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