असम में उल्फा (आई) बम मामले में डीजीपी ने कई एसआईटी का गठन किया
आशीष प्रशांत
- 18 Aug 2024, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
डिब्रूगढ़ (असम), 18 अगस्त (भाषा) असम पुलिस ने कई जगहों पर विस्फोटक लगाने के प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के दावों के बाद बम जैसी ‘संदिग्ध वस्तुओं’ की बरामदगी के मामले में 10 जिलों में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
विशेष पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह राज्य का दौरा कर रहे हैं और बड़ी खुफिया चूक के बाद प्रत्येक जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा बैठक कर रहे हैं।
सुरक्षा चूक को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा के इस्तीफे की मांग की है, जिनके पास गृह विभाग की जिम्मेदारी है।
सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जिन 10 जगहों पर बम जैसी सामग्री पाई गई है, उनकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। हम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अगर कोई भी व्यक्ति बम जैसी सामग्री रखने में संलिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि एसआईटी का नेतृत्व जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) की देखरेख में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जाएगा, जबकि गुवाहाटी में टीम का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त करेंगे तथा अभियान की निगरानी संयुक्त पुलिस आयुक्त या स्वयं पुलिस आयुक्त द्वारा की जाएगी।
प्रतिबंधित उल्फा (आई) ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि उसने स्वतंत्रता दिवस पर असम में सिलसिलेवार विस्फोट करने के लिए 24 स्थानों पर बम लगाए हैं। इसके बाद पुलिस ने गुवाहाटी में चार स्थानों सहित कम से कम 10 स्थानों से ‘‘बम जैसी वस्तु’’ बरामद की थी। शिवसागर और लखीमपुर से ‘‘बम जैसी’’ दो-दो वस्तुएं बरामद की गईं, जबकि नगांव और नलबाड़ी में एक-एक।
सिंह ने कहा, ‘‘असम के लोगों को सुरक्षा प्रदान करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। एसआईटी को संदिग्ध वस्तुओं की प्रकृति का पता लगाने के लिए गहन जांच करने और यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है कि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।’’
उन्होंने कहा कि बरामदगी के मद्देनजर एक समीक्षा बैठक बुलाई गई और पुलिस ने आगे कार्रवाई के लिए ‘‘सबसे प्रभावी रणनीतियों’’ पर विचार-विमर्श किया। विशेष पुलिस महानिदेशक ने कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि जो कोई भी इस राज्य के नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसे परिणाम भुगतने होंगे।’’
यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) की ओर से ‘पीटीआई’ सहित अन्य मीडिया संस्थानों को भेजे गए ईमेल में संगठन ने दावा किया कि बम ‘‘तकनीकी विफलता’’ के कारण नहीं फटे।
भाषा आशीष